Bareilly News: पहले से तैयार होता था बच्चों की किडनैपिंग का 'मास्टरप्लान', गिरोह के हर सदस्य की तय थी जिम्मेदारी

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Edited By Amrit Vichar
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बच्चों की तस्करी करने वाले इस गिरोह के हर सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी थी और बच्चों के अपहरण से लेकर उनकी खरीद-फरोख्त तक का पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

बरेली, अमृत विचार। बच्चों की तस्करी करने वाले इस गिरोह के हर सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी थी और बच्चों के अपहरण से लेकर उनकी खरीद-फरोख्त तक का पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

फर्जी क्लीनिक चलाता था आरोपी
योगेश और पवन का काम बच्चों को अगवा कर गिरोह तक पहुंचाना था। उत्तम बाजपेयी दलाल और बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। संजय बच्चों का सप्लायर था और उसने भी बच्चों को उत्तम बाजपेयी तक पहुंचाया था। वहीं मंजेश, जो पिछले करीब 10 वर्षों से लखीमपुर खीरी में एक फर्जी क्लीनिक चला रहा था। उसने भी एक बच्चे को गिरोह के माध्यम से बेचने के लिए उपलब्ध कराया था।

खरीदारों के संपर्क में रहती थी नर्स
नर्स सीता बच्चों को खरीदारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाती थी। पुलिस के अनुसार सीता अब तक दो बच्चों को करीब पांच-पांच लाख रुपये में बेच चुकी थी। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्यवाही की जाएगी। इसमें अभी कुछ और भी लोगों के नाम सामने आ सकते है। पुलिस गहनता से पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता कर रही है की जिन लोगों ने बच्चों को खरीदा है वह कौन है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

 

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