जौनपुर दूल्हा हत्याकांड : पुलिस एनकाउंटर में मारा गया 1 लाख का इनामी शूटर रवि यादव, थाना प्रभारी जख्मी

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Published By Deepak Mishra
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जौनपुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में शादी की खुशियों के बीच दूल्हे की हत्या करने वाले मुख्य शूटर रवि यादव को पुलिस ने रविवार रात खूनी मुठभेड़ में मार गिराया। रवि पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। मुठभेड़ में खेतासराय थाना प्रभारी के.के. सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए। 

दरसअल 1 मई की शाम सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़अउर गांव से बारात निकली थी। दूल्हा आजाद बिंद फूलों से सजी कार में बैठा था। बारात खेतासराय के बीबीपुर गांव की ओर जा रही थी। हाईवे पर पहुंचते ही बाइक सवार बदमाशों ने कार को ओवरटेक किया और अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली आजाद के सीने में लगी और दूसरी जबड़े पर। अस्पताल ले जाते समय आजाद की मौत हो गई। 

जांच में पता चला कि यह हत्या पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि लड़की पक्ष के एक रिश्तेदार प्रदीप बिंद की जिद का नतीजा थी। प्रदीप इस शादी के खिलाफ था और पहले भी आजाद को धमकी दे चुका था। शादी न रुकने पर उसने भाड़े के शूटर रवि यादव और भोले राजभर के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम रखा था।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी जिला बदलने की तैयारी में हैं। खेतासराय पुलिस ने गोरारी इलाके में चेकिंग तेज कर दी। दो बाइक सवार संदिग्धों को देखते ही भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों ने निर्माणाधीन बाईपास की ओर मुड़कर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में रवि यादव पैर और सीने में गोली लगने से मौके पर ही मारा गया। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर गन्ने के खेत में भाग निकला। अस्पताल में शिनाख्त के बाद रवि यादव को 1 लाख इनामी घोषित शूटर बताया गया।इस मुठभेड़ में थाना प्रभारी के.के. सिंह के हाथ में गोली लगी, जबकि एक सिपाही बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बचा। 

मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपियों की तलाश जारी 

मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप बिंद और दूसरे शूटर भोले राजभर अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें दोनों की तलाश में जुटी हुई हैं और दावा कर रही हैं कि वे जल्द गिरफ्तार हो सकते हैं।आजाद बिंद के परिवार में अभी भी मातम छाया हुआ है। परिजनों का कहना है कि जब तक बाकी दोनों आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते, बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा था और सोशल मीडिया पर भी भारी आक्रोश देखा गया था।

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