बरेली: जितना मुश्किल रिपोर्ट दर्ज कराना... उतना ही पीली पर्ची पाना

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ओमेंद्र सिंह, बरेली, अमृत विचार। थानों में रिपोर्ट दर्ज न होने की शिकायतें पहले जैसी हैं, मुख्यालयों पर उच्चाधिकारियों के दफ्तर काटने वाले फरियादियों की संख्या भी कम नहीं हुई है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बरेली में कार्यभार संभालने के लिए हर शिकायत पर पीली पर्ची दिए जाने की जो व्यवस्था शुरू की थी, वह फरियादियों को कोई खास राहत नहीं दे पाई। महिला अपराधों के मामले में हर शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच करने का आदेश दिया गया था, लेकिन वह भी नहीं हो पा रहा है।

अखिलेश चौरसिया के ट्रांसफर के बाद 14 मार्च को बरेली में कार्यभार ग्रहण करने के बाद नए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने घोषणा की थी कि थानों में शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जाएगा। हर थाने में फरियादी की शिकायत लेकर उसे एक पीली पर्ची दी जाएगी जिस पर तारीख के साथ शिकायत का संक्षिप्त विवरण दर्ज होगा। पुलिस को 15 दिन के अंदर शिकायत का निस्तारण करना होगा। एसएसपी ने चेतावनी दी थी कि तय समयसीमा के अंदर शिकायतों का निस्तारण न करने पर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था थानों के साथ एसएसपी ने खुद अपने और अधीनस्थ अधिकारियों के दफ्तरों में भी लागू की थी।

एसएसपी के इस प्रयोग ने उम्मीद तो जगाई लेकिन फरियादियों को राहत नहीं दे पाया। जिस तरह रिपोर्ट दर्ज कराने में लोगों के पसीने छूटते थे, उसी तरह थाने से पीली पर्ची पाने में छूट रहे हैं। कुछ शिकायतों में जांच की खानापूरी कर पुलिस रिपोर्ट भेज देती है। थानों में शिकायतें दर्ज न होने से पीली पर्ची का औचित्य ही खत्म हो गया है। लोग पहले की तरह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एसएसपी कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं। पीली पर्ची मिलने के बावजूद विवादों का निस्तारण न हो पाने की शिकायतें भी आम हैं। इन पर थानों में किसी की जवाबदेही भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।

केस- 1
विदेशी कुत्ते पर विवाद अब तक जारी
शहर के किग्स कोर्ट अपार्टमेंट में विदेशी कुत्ते को लिफ्ट में ले जाने को लेकर करीब 10 दिन पहले विवाद हुआ था। अपार्टमेंट के सचिव ताराचंद समेत करीब 10 लोगों ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर कुत्ता मालिक की शिकायत की थी। स्थानीय पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने जरूर बुलाया लेकिन अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का कहना है कि अब तक उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ है। कुत्ता मालिक के पास लाइसेंस नहीं है। पुलिस को कुत्ता नगर निगम को सौंप देना चाहिए था लेकिन पुलिस ने ऐसा भी नहीं कराया। पीली पर्ची का कोई फायदा नहीं मिल पाया।

केस-2
थाने में नहीं लिखी रिपोर्ट, एसएसपी से फरियाद
भोजीपुरा के गांव जटौआ में रहने वाले अशोक कुमार ने चारपहिया वाहन फाइनेंस कराया था। फाइनेंस कंपनी के एजेंटों ने हिसाब कराने के नाम पर अशोक से एक लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। उन्होंने थाना भोजीपुरा में शिकायती पत्र दिया लेकिन पुलिस ने टरका दिया। कई बार चक्कर काटने के बाद भी जब रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो अशोक ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।

केस- 3
दुष्कर्म की कोशिश की भी रिपोर्ट नहीं
सीबीगंज इलाके में रहने वाली युवती ने सगे चाचा पर दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आपबीती सुनाई। इसके बाद एसएसपी ने थाना पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

केस- 4
खुद जुआ करा रही है पुलिस, कार्रवाई क्या करे
संजयनगर में रहने वाली ममता की शिकायत है कि उनके मोहल्ले में कुछ औरतें जुआ खिलवाती हैं। कई और भी गलत काम करती हैं। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस चौकी पर की लेकिन पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए तो आरोपी महिलाएं कैमरे हटाने का दबाव बनाने लगीं। इन्कार करने पर मारपीट की। इसके बाद भी उनकी शिकायत नहीं सुनी गई। उन्होंने अब एसएसपी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया है।

ऐसा नहीं है कि थाना स्तर पर शिकायतें दर्ज न होती हों। कुछ धाराएं ऐसी हैं, जिनके लिए आदेश करना जरूरी होता है। पुलिस शिकायतें दर्ज करती है। यदि फिर भी किसी की समस्या नहीं सुनी जाती है तो वह मुझसे सुबह 9 से 11 बजे तक कार्यालय में संपर्क कर सकता है।-प्रभाकर चौधरी, एसएसपी बरेली

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