भारत-अमेरिका ने पिछले नौ साल में लंबी यात्रा तय की, आकाश से समुद्र तक सहयोग बढ़ा: PM मोदी

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Published By Vikas Babu
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वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ दोपहर भोज के दौरान अपने संबोधन में कहा कि पिछले नौ वर्षों में दोनों देशों ने लंबी और खूबसूरत यात्रा की है तथा रक्षा, सामरिक क्षेत्र से लेकर धरती, आकाश सहित विविध क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ किया है। मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का आभार जताया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस द्वारा आयोजित दोपहर भोज में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हमारी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में आपका योगदान अविश्वसनीय रहा है।’’ वहीं, अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि वह और राष्ट्रपति जो. बाइडन अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने की प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता के लिए आभारी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम भविष्य की ओर देखते हैं, अमेरिका और भारत सहज रूप से एक-दूसरे की ओर मुड़ते हैं तथा तेजी से एकजुट होते जा रहे हैं।’’ अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘पिछले तीन दिनों में मैंने अनेक बैठकें कीं और इन बैठकों में एक चीज साझा थी कि भारत और अमेरिका के लोगों के बीच मित्रता एवं सहयोग अधिक गहरा होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों की मधुरता की भावना लोगों के बीच संपर्क के माध्यम से पिरोयी गई है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 1958 में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की मां श्यामला गोपालन के अमेरिका आने और भारत से उनके जुड़ाव का जिक्र किया तथा कहा कि कमला हैरिस ने अपनी मां की प्रेरणा को बुलंदियों तक पहुंचाया है।

मोदी ने कहा कि उपराष्ट्रपति हैरिस की उपलब्धि न केवल अमेरिका, बल्कि भारत और पूरी दुनिया को प्रेरित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी विदेशी मंत्री एंटनी ब्लिंकन की संगीत के प्रति रुचि और उनकी कूटनीतिक कुशलता का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में अमेरिका यात्रा के बाद से पिछले नौ वर्षों में दोनों देशों ने लंबी यात्रा तय की है और रक्षा एवं सामरिक क्षेत्र सहित सहयोग के नए आयाम जोड़े हैं।

उन्होंने प्रौद्योगिकी सहयोग और कारोबार में लंबित मु्द्दों के समाधान से जुड़े विषयों में सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने क्वाड और आई2यू2 जैसे समूहों में सहयोग का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका और भारत का सहयोग समुद्र की गहराइयों से लेकर आकाश की ऊंचाइयों, धरती से आकाश तक दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में नए विश्वास के साथ काम कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका और भारत अपरिहार्य साझेदार बन गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे हम इसे अमेरिका का स्वप्न कहें या भारत का स्वप्न....हमारे लोग अवसर पर भरोसा करते हैं।’’

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