Kanpur: ये कैसा कौशल विकास, यहां तो शिक्षकों की है कमी, आईटीआई में छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

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Published By Nitesh Mishra
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कानपुर में शिक्षकों के बिना आईटीआई में कौशल विकास।

कानपुर में शिक्षकों के बिना आईटीआई में कौशल विकास। आईटीआई में बगैर शिक्षकों के छात्रों को हुनरमंद बनाया जा रहा, 60 प्रतिशत शिक्षकों की कमी है।

केस -1
पांडु नगर स्थित लालबंगला आईटीआई में फिटर, वेल्डर के ट्रेड चल रहे हैं, जबकि यहां स्वीकृत अनुदेशक के पद हैं ही नहीं। बिना शिक्षक के छात्रों को पढ़ाया जा रहा है। अलग-अलग विभागों के शिक्षक काम चलाने के लिए इनकी क्लास ले लेते हैं जबकि उन्हें खुद इस विषय का ज्ञान नहीं है। बस बच्चे पढ़ रहे हैं और उन्हें प्रमाण पत्र मिल रहा है।

केस-2
पांडु नगर आईटीआई जो कि नोडल सेंटर है, यहां टूल एंड डाईमेकर, कारपेंटर, मशीनिष्ट, स्टेनो हिंदी के अनुदेशक नहीं हैं। इन कोर्सेज के छात्रों को किसी तरह दूसरे शिक्षकों के द्वारा पढ़ाया जा रहा है। अब छात्र क्या सीख रहे हैं यह बड़ा सवाल है। पंजीकृत सभी छात्रों को हर साल उत्तीर्ण कर प्रमाण पत्र दे दिया जाता है।

केस -3
कल्याणपुर आईटीआई में आरएसी, आईटी लैब में अनुदेशक नहीं हैं। जबकि यहां इन ट्रेड्स के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। बिना शिक्षक इन्हें क्या तकनीकी ज्ञान दिया जा रहा है यह किसी से छिपा नहीं है। इसके अलावा घाटमपुर, बिल्हौर आईटीआई में भी यही हाल है। 

कानपुर, [रामजी द्विवेदी]। अमृत विचार। यह तो महज बानगी भर है। उत्तर प्रदेश के लगभग हर राजकीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईटीआई) का यही हाल है। प्रदेश सरकार स्किल डेवलपमेंट और आईटीआई पर विशेष जोर दे रही है। समय समय पर बजट भी जारी किया जा रहा है लेकिन शिक्षक न होने के चलते सब ढाक के तीन पात साबित हो रहा है।

हाल यह है कि कानपुर मंडल में अनुदेशक के 777 पद हैं जबकि पढ़ाने वाले सिर्फ 273 । जबकि 504 सीटें खाली पड़ी हैं। हाल यह है कि जिन ट्रेडों में पहले चार शिक्षक पढ़ाते थे वहां पर एक से ही काम चलाया जा रहा है, कई कोर्स में तो शिक्षक रिटायर होने के बाद भर्ती ही नहीं हुए। दूसरे ट्रेड के शिक्षक काम चलाने के लिए कभी कबार पढ़ा देते हैं। लेकिन डिप्लोमा लगातार जारी किए जा रहे हैं। 

आठ सालों से नहीं हुई भर्ती

वर्ष 2016 में आईटीआई में अनुदेशकों की भर्ती हुई थी। इसके बाद से नियमित भर्ती नहीं हुई है। जो अनुदेशक रिटायर हो गए उनकी जगह दूसरा कोई पढ़ाने वाला नहीं है।

संविदा पर रखने की है तैयारी

 विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब संविदा पर अनुदेशक रखने की तैयारी है। इसका आदेश जारी हुए भी काफी समय हो गया है लेकिन भर्ती नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से बच्चों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है।

कानपुर मंडल का है यह हाल

कानपुर नगर की छह आईटीआई के अलावा कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद की आईटीआई का भी यही है। अनुदेशकों के साथ ही कई आईटीआई बगैर प्रिंसिपल के चल रहे हैं। कानपुर मंडल में 27 प्रिंसिपल के पद हैं जबकि कानपुर नगर में 5, कानपुर देहात में 2, कन्नौज में 1, इटावा में 2, औरैया में 1, फर्रुखाबाद में 1 प्रिंसिपल ही तैनात हैं।

प्वाइंटर 
पद         कुल पद      तैनाती    रिक्त सीटें  
अनुदेशक   777          273      504
कार्यदेशक फोनमैन 77     38         39
प्रिंसिपल           27      12          15

कानपुर मंडल में अनुदेशकों की कमी है। इससे कुछ शिक्षा प्रभावित हो रही है। जो स्टाफ है उन्हीं से हर बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जाता है। भर्ती प्रक्रिया शासन स्तर से होती है।- राहुल देव, संयुक्त निदेशक, प्रशिक्षण एवं शिशिक्षु कानपुर मंडल

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