Unnao: प्राथमिक विद्यालय में बाल संरक्षण आयोग के पहुंचे सदस्य, फरवरी की स्पेलिंग नहीं सुना पाए बच्चे, जानें- मामला
उन्नाव में बाल संरक्षण आयोग के सदस्य को फरवरी की स्पेलिंग नहीं सुना पाए बच्चे।
उन्नाव में बाल संरक्षण आयोग के सदस्य को फरवरी की स्पेलिंग बच्चे नहीं सुना पाए। इस पर वह नाराज हो गए। उन्होंने स्कूल परिसर में गंदगी देखकर नाराजगी भी जताई।
उन्नाव, अमृत विचार। उन्नाव के ब्लाक सिकंदरपुर सरोसी स्थित नेतुआ प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार बाल संरक्षण आयोग के सदस्य औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जहां विद्यालय परिसर में गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताई। जिसके बाद कक्षा में पढ़ रहे बच्चों से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे।
जिसमें अधिकांश बच्चे जबाव नहीं दे सके। बच्चों द्वारा फरवरी की स्पेलिंग न बता पाने पर नाराजगजी जताई। इसके साथ उर्दू की किताब को लेकर प्रधान शिक्षिका से पूछताछ भी की। सदस्य के सख्त तेवर देख वहां मौजूद शिक्षक-शिक्षिकाओं में हड़कंप मचा रहा।
बता दें कि बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्याम त्रिपाठी मंगलवार को नेतुआ प्राथमिक स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें जगह-जगह गंदगी मिली। जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। जिसके बाद वह कक्षाओं में पहुंचे। जहां मौजूद बच्चों से महीनों के नाम सुने। जिसमें अधिकांश बच्चे फरवरी की स्पेलिंग तक नहीं सुना सके। उन्होंने कक्षा पांच के बच्चों से पूछा कि स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जाता है, जिस पर कुछ बच्चे 26 जनवरी बोले, तो कुछ बच्चों ने 15 अगस्त बताया।
वहीं स्वतंत्रता दिवस का वर्ष पूछने पर भी बच्चे कोई जवाब नहीं दे सके। बच्चों के सही जवाब न देने पर उन्होंने कक्षा में मौजूद शिक्षिका को फटकार लगाई। सदस्य ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अभियान चला रही है, इसके बावजूद आप लोग बच्चों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में शिक्षा में सुधार कैसे होगा।
इस दौरान विद्यालय में एक छात्रा उर्दू की किताब लेकर घर गई थी। जिसे संज्ञान में लेते हुये उन्होंने प्रधान शिक्षिका से पूछताछ। जिस पर प्रधान शिक्षिका ने कहा कि छात्रा गलती से मेज में रखी पुस्तक उठाकर ले गई थी। जिसके बाद एमडीएम की गुणवत्ता भी देखी।
