चिराग पासवान का ऐलान, जमुई में कहा- 'युवा बनकर आया था, अब बुजुर्ग बनकर जाऊंगा'

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Edited By Amrit Vichar
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पटना। लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को घोषणा की कि वह जमुई से फिर से चुनाव लड़ेंगे। वह मौजूदा लोकसभा में लगातार दूसरी बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह कयास लगाए जा रहे थे कि चिराग अपना संसदीय क्षेत्र बदलकर हाजीपुर से किस्मत आजमाने की योजना बना रहे हैं जिसपर उनका यह बयान आया है। हाजीपुर सीट का दशकों तक चिराग के पिता राम विलास पासवान ने प्रतिनिधित्व किया था। 

चिराग (40) ने कहा, "मैं राजनीति, कौन कहां से चुनाव लड़ेगा जैसी चीजों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन मैं जमुई के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं इस जिले को बिहार के सबसे विकसित जिलों में से एक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं यहां एक युवा के रूप में आया हूं और रहूंगा जब तक मैं बूढ़ा नहीं हो जाता, यहीं रहूंगा।" 

चिराग का अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ झगड़ा चल रहा है। पारस वर्तमान में हाजीपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं और दो साल उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी के अन्य सांसदों को अपने साथ लेकर एक अलग गुट बना लिया था और बाद में केंद्रीय मंत्री बनाए गए थे। पारस के नेतृत्व वाले समूह को राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के रूप में जाना जाता है, वहीं चिराग के नेतृत्व वाले समूह को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) कहा जाता है। 

चिराग ने हाल में दावा किया था कि उनके दिवंगत पिता चाहते थे कि वह हाजीपुर से 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ें। पासवान 2019 में राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित हुए थे। चिराग के इस दावे का पारस ने पुरजोर विरोध किया। पारस, चिराग को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा मानने से इनकार करते हैं। 

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