प्रतापगढ़: बेसहारा मिली मनोरोगी महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, शरीर में पड़ गए थे कीड़े
प्रतापगढ़। सड़क किनारे सवा महीने पहले बेसहारा मिली मनोरोगी महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। उसकी पहचान के सारे प्रयास विफल रहे। उसके जख्मों में पड़े कीड़ों ने जिंदगी खत्म कर दी। प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर भुपियामऊ चौराहे के पास लगभग 22 वर्षीय एक महिला को सड़क पर भटकते हुए लोगों ने देखा तो पुलिस को बताया था।
पुलिस ने अगले दिन उसे मेडिकल कालेज के राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी हालत खराब देखकर दुष्कर्म की आशंका पर कोतवाली पुलिस ने महिला अस्पताल भेजकर दुष्कर्म की जांच भी कराई थी, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। जांच में पता चला था कि वह सात माह की गर्भवती थी। अस्पताल में भर्ती होने के तीन दिन बाद उक्त महिला ने बेटी को जन्म दिया था। प्रीमेच्योर बेबी होने से दो दिन बाद ही नवजात ने दम तोड़ दिया था।
इधर महिला के सिर और शरीर में कई जगह जख्म होने से सड़न पैदा हो गई थी, उसमें कीड़े पड़ गए थे। प्रताप बहादुर अस्पताल से उसे एसआरएन मेडिकल कालेज प्रयागराज भेजा गया, लेकिन वहां उसे भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उसे मानसिक रोग चिकित्सालय वाराणसी भेजने का प्रयास किया गया। वहां पर यह कहा गया कि इसके जख्म ठीक हो जाएंगे, तभी इसकी यहां पर भर्ती ली जा सकती है। इसकी हालत ठीक नहीं है।
अस्पताल प्रशासन ने उसे फिर राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया। उसके जख्मों में रेंग रहे कीड़े नहीं निकल सके। आखिरकार उक्त बेसहारा महिला ने दम तोड़ दिया। नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि महिला की मौत की जानकारी अस्पताल प्रशासन से मिली है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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