शारदीय नवरात्र: श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी करती हैं मां ताराचंडी, भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से है एक

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सासाराम। बिहार में रोहतास जिले के सासाराम स्थित मां ताराचंडी के मंदिर में पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है। सासाराम से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर कैमूर पहाड़ी की गुफा में मां ताराचंडी का मंदिर है। इस मंदिर के आस-पास पहाड़, झरने एवं अन्य जल स्रोत हैं। यह मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। मनोकामनाएं पूरी होने की लालसा में दूर-दूर से भक्त यहां आते हैं। वैसे तो यहां सालो भर भक्तो की आना लगा रहता है, लेकिन नवरात्र मे यहां पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। 

कहा जाता है कि यहां आने वालों की हर मनोकामना माता रानी पूरी करती हैं इसलिए लोग इसे मनोकामना सिद्धी देवी भी कहते हैं। सावन में यहां एक महीने का भव्य मेला भी लगता है। श्रावणी पूर्णिमा के दिन स्थानीय लोग देवी को शहर की कुलदेवी मानकर चुनरी के साथ काफी संख्या में प्रसाद चढ़ाने धाम पर पहुंचते हैं। हाथी-घोड़ा एवं बैंडबाजे के साथ शोभायात्रा भी निकाली जाती है। 

शारदीय नवरात्र में लगभग दो लाख श्रद्धालु मां का दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। नवरात्र मे मां के आठवें रूप की पूजा होती है। मां ताराचंडी धाम में शारदीय एवं चैत्र नवरात्र में अखंड दीप जलाने की परम्परा बन गयी है। पहले दो-चार अखंड दीप जलते थे लेकिन अब कुछ सालों से इसकी संख्या हजारों में पहुंच गई है। शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र में ताराचंडी धाम पर अखंड दीप जलाने के लिए दूसरे प्रदेशों से भी लोग पहुंते है। 

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