Kanpur Farmer Suicide Case: परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से किया इंकार, बोले- पुलिस गिरफ्तार न करने का दे आश्वासन...
कानपुर में आरोपी भाजपा नेता की मां का देहांत हो गया।
कानपुर में किसान बाबू सिंह मामले में आरोपी भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन दिवाकर की मां का रविवार को देहांत हो गया। नाराज परिजनों ने मां का अंतिम-संस्कार करने से मना कर दिया। इस दौरान परिजनों ने भाजपा नेता को बेकसूर भी बताया।
कानपुर, अमृत विचार। एक लाख के इनामी भाजपा नेता डॉ प्रियरंजन आशु दिवाकर की मां उर्मिला की मौत के बाद उनका परिवार सामने आया। परिजन आशू की गिरफ्तारी न होने के आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की मांग की। अग्रिम जमानत होने पर पुलिस जांच में सहयोग का भी आश्वासन दिया। परिजनों ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि आशू पर लगाए गए सभी आरोप झूठे है। इस दौरान परिजनों की मीडियाकर्मियों से झड़प भी हुई।
किसान बाबू सिंह यादव की आत्महत्या के मामले में फरार चल रहे भाजपा नेता प्रियरंजन आशू दिवाकर की मां उर्मिला (70) की निधन के बाद उनका परिवार सामने आया। डॉ प्रियरंजन आशू दिवाकर की भाभी रेनू रंजन ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ही दिन से प्रियरंजन को आरोपी बना दिया गया। उन्होंने कहा कि हमारी बात को सुना ही नहीं गया।
घटना के बाद से मां उर्मिला की तबियत बुरी तरह से खराब चल रही थी। आशू की पत्नी को आंशिक हार्ट अटैक भी आया था। उन्होंने पुलिस पर निशान साधते हुए बताया कि आशू के साले को मददगार बताते हुए उसे भी आरोपी बना दिया, जबकि उसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की आशू भी भाजपा के सदस्य है, लगाए गए आरोप झूठे है।
उन्होंने कहा कि मृतक किसान की बेटियां किसान के साथ बाबू सिंह का वीडियो वायरल कर रही है, जबकि उनकी बेटियां ही डॉ प्रियरंजन को अपने घर बुलाती थी। सवाल उठाया कि बिना पढ़े कोई एग्रीमेंट क्यो करेगा ? अगर मृतक किसान पढ़ा लिखा नहीं था तो सुसाइड नोट किसने लिखा ? डॅा प्रियरंजन आशू दिवाकर का बचाव करते हुए रेनू रंजन ने कहा कि न ही आशू के नाम जमीन का एग्रीमेंट है, न उनके किसी परिजन के नाम एग्रीमेंट है और न ही उनके खाते से कोई लेन-देन किया गया है।
परिजनों ने मांग करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन जब तक आशू की जमानत व उसकी गिरफ्तारी न करने का आश्वासन नहीं देती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस दौरान डॉ प्रियरंजन के आने की आशंका के चलते पुलिस टीमे घर के आस-पास मौजूद रहीं।
सपा नेता पर जमीन कब्जा करने का लगाया आरोप
बातचीत के दौरान रेनू रंजन ने मृतक किसान की बेटी काजल यादव का एक पत्र दिखाते हुए आरोप लगाया कि मृतक बाबू सिंह की जमीन पर सपा नेता नरेंद्र यादव कब्जा किए हुए थे। जिसे डॉ प्रियरंजन ने ही कब्जा मुक्त कराया था, जिसके बाद किसान ने स्वयं जमीन बेचने का एग्रीमेंट किया था। बताया कि आशू ने उनके परिवार के दर्द को समझा।
अंकल हमें पता है आप मंत्री बन गए ....
रेनू रंजन ने बाबू सिंह की बेटी काजल यादव का जो पत्र दिखाया, जो कि डॉ प्रियरंजन के नाम लिखा है। पत्र में लिखा कि एक बार आपके कानपुर वाले घर में मिली थी, जब पापा बहुत शराब पीने से बीमार हो गए थे। उसके बाद पापा की जमीन फर्जी तरह से नरेंद्र यादव ने अपने नाम करवा ली। आपने जांच करवा मुकदमा करवाया था, मुकदमा जीतने के बाद भी पापा को जमीन नहीं मिल पाई है।
नरेंद्र यादव और उसके लड़के बहुत परेशान करते है और जिंदा जलवाने की धमकी देते है। अंकल आप थोड़ी मदद कर दीजिए नहीं तो मेरे पापा आत्महत्या कर लेंगे। अंकल हमें पता है कि आप मंत्री बन गए है। यह पत्र दिसंबर 2021 का लिखा बताया जा रहा है।
