Kanpur News: विकास भवन में विनाश का डर… टंगे एक्सपायर सिलेंडर, अग्निकांडों के बाद भी सुध नहीं ले रहे अफसर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर के विकास भवन में एक्सपायर सिलेंडर टंगे।

कानपुर के विकास भवन में एक्सपायर सिलेंडर टंगे। पूरी बिल्डिंग में 14 सिलेंडर लगे। सिलेंडरों में एक भी आग पर काबू पाने लायक नहीं है।

कानपुर, [नीरज मिश्र]। नगर में एक के बाद एक आए दिन हो रहे अग्निकांडों के बाद भी लोग इनसे सबक लेने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। विकास भवन जैसे स्थान पर जहां करीब एक दर्जन विभाग अग्नि सुरक्षा से अनजान बने हुए हैं। अफसर और कर्मचारियों के पास अपने ही कमरे के बाहर खाली टंगे सीज फायर सिलेंडर को देखने का समय नहीं है। ऐसे में अगर कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा यह एक बड़ा सवाल है।  

कई मंजिला बनी विकास भवन की इमारत में कई आवश्यक विभाग हैं। जहां कीमती दस्तावेज रखे हैं। इस भवन में सैकड़ों लोगों का रोज आना जाना होता है। विभागों में सैकड़ों की संख्या में कर्मी कार्य करते हैं, लेकिन आग से बचाव के आपातकालीन इंतजाम जीरो हैं। पूरे विकास भवन में लगे करीब 14 से 15 फायर सिलेंडरों की मियाद पूरी हो चुकी है। इनमें लिक्विड यानी गैस महीनों पहले से खत्म हो चुकी है। सिलेंडरों में रिफिल और एक्सपायरी डेट भी नहीं लिखी हुई है।

विकास भवन की पूरी इमारत में कहीं भी फायर फाइटिंग सिस्टम की लाइनें नहीं हैं। सिर्फ प्रमुख विभागों के बाहर खानापूर्ति के लिए फायर सिलेंडर टांग दिए गए हैं जिनकी ओर महीनों से देखा तक नहीं गया है। इन सिलेंडरों में लगे निष्क्रिय मीटर खुद अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। एडवांस फायर सिस्टम तो दूर स्मोक डिटेक्टर व फर्स्ट फायर फाइटिंग इक्यूप्मेंट तक नहीं लगाए गए हैं। इस तरह की अनदेखी कभी भी खतरनाक हो सकती है। 

“सिलेंडरों की जांच कराकर इनको दुरुस्त कराया जाएगा। इसकी सूचना फायर विभाग को दी जाएगी।”- सुधीर कुमार, सीडीओ 

शहर में बड़े अग्निकांड: 

पहली घटना- अनवरगंज थानाक्षेत्र के बांसमंडी स्थित थोक कपड़ा बाजार में 30 मार्च को 800 कारोबारियों को आग ने तबाह कर दिया था। करोड़ों रुपये का माल जलकर राख हो गया था। 

दूसरी घटना- थाना कोतवाली क्षेत्र में 12 सितंबर को मर्केंटाइल बिल्डिंग में शार्ट सर्किट से चौथी मंजिल में भीषण आग लग गई थी। जिसके बाद वहां रह रहे मेट्रो के 250 मजदूरों ने दूसरी बिल्डिंग में कूदकर जान बचाई थी। 

तीसरी घटना- बिठूर थानाक्षेत्र के रामा मेडिकल कॉलेज में 20 सितंबर को ईएनटी की ओपीडी में लगी आग से वहां रखी सारी मशीनें और फर्नीचर पूरी तरह से जल गए थे। दमकल की एक दर्जन से अधिक गाड़ियों ने आग पर काबू पाया था। घटना के दूसरे दिन टीम ने निरीक्षण किया था जहां अग्निशमन यंत्र खराब मिले थे। 

चौथी घटना- बेकनगंज थानाक्षेत्र में 16 सितंबर को तलाक महल चौराहे पर स्थित पांच मंजिला नूर अल मदीना बिल्डिंग के बेसमेंट स्थित अलफिजा कैटर्स एंड रेस्टोरेंट में आग लगने से हड़कंप मच गया था। 

अग्निकांड: एक नजर में

- 24 अक्टूबर को फजलगंज स्थित कार शोरूम वर्कशॉप में लगी आग से 15 कारें जलकर खाक हुई थीं। 
- 3 फरवरी 2023 को पनकी स्थित एक पान मसाला फैक्ट्री में आग लगने से युवक की मौत। 
- 22 फरवरी 2023 को फजलगंज में साइकिल के गोदाम में लगी आग में दो कर्मचारियों की मौत।
- 30 मार्च 2023 की देर रात बासमंडी के थोक कपड़ा के छह शांपिंग कांप्लेक्स आग से तबाह हो गए थे।

ये भी पढ़ें- Karwa Chauth 2023: इस योग में महिलाएं करेंगी चांद का दीदार… ऐसे करे चंद्रमा की पूजा

संबंधित समाचार