मुआवजे के लिए काश्तकार लगा रहे कलेक्ट्रेट के चक्कर
रायबरेली, अमृत विचार। नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा लखनऊ प्रयागराज रोड को चौड़ा किया जा रहा है। चौड़ीकरण को लेकर मकान और दुकानों को तोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों और काश्तकारों को जमीन का मुआवजा भी दिया जा रहा है लेकिन कलेक्ट्रेट में ऐसे बहुत से कास्तकारों को देखा जा रहा है जो मुआवजे के लिए दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि समुचित मुआवजा दिया जाएगा।
लखनऊ-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर प्रस्तावित तीन बाइपास के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। छह गांवों में अवार्ड कराकर मुआवजे के प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन जिन कास्तकारों को मुआवजा नहीं मिला है वह परेशान हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जगतपुर, बाबूगंज और ऊंचाहार में तीन बाइपास के निर्माण का खाका खींचा गया था। शासन की ओर से इन्हें पहले ही मंजूरी दे दी गई थी। इनके निर्माण के लिए ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के 17 गांवों में भूमि अधिग्रहित की जा रही है।
इनमें से बैरीहार, जिगना, भीख, मतरौली, भागीपुर और सेमरी रनापुर में अधिग्रहण की घोषणा हो चुकी है। यहां काश्तकारों की कितनी जमीन ली जानी है और कितना भुगतान होगा, यह भी तय हो गया है। जोगमगदीपुर, जगतपुर, टांघन, इटौरा बुजुर्ग, खोजनपुर, ऊंचाहार, पट्टी रहसकैथवल, अरखा, जसौली, नेवादा, चड़रई में अवार्ड होगा।
गांवों में जमीन के अधिग्रहण पर नजर
गांव अधिग्रहित भूमि मुआवजा
बैरीहार 0.1350 हेक्टेयर 1.09 करोड़
जिगना 2.39 हेक्टेयर 5.25 करोड़
भीख 1.7065 हेक्टेयर 5.75 करोड़
मतरौली 4.0341 हेक्टेयर 4.87 करोड़
भागीपुर 0.6435 हेक्टेयर 1.49 करोड़
सेमरी रनापुर 6.3856 हेक्टेयर 7.93 करोड़
हाईवे पर यहां बनेंगे बाइपास
05 किमी. - जगतपुर में भीख से जिगना तक बाइपास
04.3 किमी. - बाबूगंज में इटौरा बुजुर्ग से भागीपुर तक बाइपास
11.07 किमी. - ऊंचाहार में खोजनपुर से जसौली तक बाइपास
वर्जन
किसी भी व्यक्ति को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है जिनकी जमीन सरकार के द्वारा ली गई है उनको समुचित मुआवजा दिया जा रहा है और हमारी टीम भी लगातार ऐसी जगह पर जाकर मुआवजे का आकलन कर रही है और उनकी फाइलों को आगे बढ़ते हुए मुआवजा दिलाने का काम कर रही हैं।
-प्रफुल्ल त्रिपाठी एडीएम प्रशासन
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