कहीं आप भी तो नहीं विटामिन बी- 12 के शिकार, जानिए लक्षण और उपाय
आजकल शरीर में विटामिन बी- 12 की कमी तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। दिक्कत की बात तो यह है कि इसके लक्षण अन्य की तरह स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से भ्रमित करके कब हमारे शरीर को बीमार बना देता हैं, ये हमें भी पता नहीं चल पता है।
हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई विटामिन और पोषक तत्व मिलकर मदद करते हैं। इनकी कमी होते ही हमारा शरीर हमें सचेत कर देता है। मगर विटामिन बी- 12 मात्र एक ऐसा तत्व है जिसकी कमी होने पर भी पता चलना बेहद मुश्किल होता है। मगर इसकी कमी धीरे- धीरे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मस्तिष्क को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है।

इस तरह लगाया जाता है विटामिन बी- 12 का पता
विटामिन बी-12 की कमी का पता सीबीसी यानी कम्प्लीट ब्लड काउंट और विटामिन बी-12 टेस्ट स्तर द्वारा रक्त परीक्षण से किया जाता है। यदि ख़ून में बी-12 की मात्रा 150 पीजी प्रति एमएल से कम है, तो शरीर में विटामिन बी-12 की कमी है।
इस लिए जरूरी है विटामिन बी- 12
आमतौर पर विटामिन बी-12 छोटी आंत (इलियम) के अंतिम भाग में अवशोषित हो जाता है। वहीं, अतिरिक्त बी-12 लिवर में इकट्ठा हो जाता है ताकि शरीर को जब उसकी आवश्यकता हो वो उसका इस्तेमाल कर सके। शरीर को लाल रक्त कोशिकाएं, तंत्रिकाएं, डीएनए बनाने, मस्तिष्क के कार्य और अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए बी-12 की आवश्यकता होती है।

औसत वयस्क को प्रतिदिन 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी-12 की आवश्यकता होती है। गर्भवती या स्तनपान करा रही माताओं को इसकी आवश्यकता अधिक होती है। शिशुओं और बच्चों के लिए आवश्यक बी-12 की मात्रा उनकी उम्र के आधार पर अलग-अलग होती है।

विटामिन बी- 12 के लक्षण
विटामिन बी- 12 के लक्षण कई तरह से नजर आते हैं। अगर बात मनोवैज्ञानिक लक्षण की करें तो इसमें निराशा, मानसिक भ्रम और स्मृति हानि। शुरुआत में लक्षण बहुत कम हो सकते हैं लेकिन कुछ महीनों में धीरे-धीरे बढ़ जाते हैं। इसी के साथ बी- 12 के लक्षण शारीरिक रूप से भी देख सकते हैं। शारीरिक लक्षणों में एनीमिया, थकान, कमज़ोरी, मतली, उल्टी, दस्त, वज़न घटना, असंयम, स्वाद और गंध की हानि आदि शामिल हैं। वहीं इसी के साथ झुनझुनी, सुन्नपन, हाथों और पैरों में पिन और सुई चुभने जैसी संवेदना, चलने में परेशानी, जोड़ों का दर्द, कमज़ोरी और संतुलन संबंधी समस्याएं भी देखने को मिलती है।

विटामिन बी- 12 की कमी का कारण
विटामिन बी-12 खासकर मांसाहारी खाद्यों या पशु उत्पादों में पाया जाता है, जैसे मांस, दुग्ध उत्पाद और अंडे आदि। यह फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों में भी पाया जा सकता है, जिनमें विटामिन व पोषक तत्व मिलाए जाते हैं, जैसे कॉर्नफ्लेक्स या ओट्स आदि। शाकाहारियों में इसकी कमी होने की आशंका ज़्यादा होती है। आहार के अलावा, उम्र, चिकित्सा स्थितियां, दवाएं और गैस्ट्रिक सर्जरी जैसे दूसरे कारक भी विटामिन बी-12 की कमी के कारण बन सकते हैं

इन चीजों के सेवन से दूर होगी विटामिन बी- 12 की कमी
मांस, अंडे, मछली, दही, कॉर्नफ्लेक्स, ओट्स, मशरूम, हरी सब्जि़यां, पनीर, अलावा, भुट्टा, सेब, केला, संतरा, ब्लूबेरी, बादाम, मूंगफली व गेहूं की बासी रोटी आदि के सेवन से विटामिन बी- 12 की कमी को दूर कर सकते है।
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