Bareilly News: कई साजिशों के बाद सामने आया एक सच, तीसरी जांच के बाद कविता को मिली राहत

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Edited By Amrit Vichar
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मंडलायुक्त के निर्देश पर सीडीओ ने सौंपी थी जांच, जांच में आया पूर्वग्रह से ग्रसित होकर बीडीओ ने लिखाई थी एफआईआर

बरेली, अमृत विचार। महिला स्वयं सहायता समूह से कमीशन लेने के आरोप में घिरी ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) पूनम राजपूत का ऑडियो वायरल होने पर भी उन पर कार्रवाई न करके दूसरी बीएमएम कविता गंगवार के खिलाफ एक पुराने मामले में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराकर सेवाएं समाप्त कराने के मामले में बीडीओ कमल श्रीवास्तव घिर गए हैं। तीसरी बार में डीसीओ की जांच में कविता पर कार्रवाई गलत पाई गई है।

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के आदेश पर सीडीओ जग प्रवेश ने डीसीओ यशपाल सिंह को जांच सौंपी। डीसीओ की जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर बीडीओ ने कविता पर गबन और घोटाले की एफआईआर लिखाई थी। उन्होंने सीडीओ की ओर से गठित जांच कमेटी पर भी सवाल उठाए हैं।

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पिछले साल जून में प्रकाशित खबर की पीडीएफ

जब कविता को दोषी ठहराया गया तो समूह के अन्य सदस्यों को क्यों नहीं। सीधे तौर पर एक तरफा कार्रवाई किया जाना बताया है। पूरे मामले की रिपोर्ट शनिवार को डीडीओ को भेजी गई। कहा जा रहा कि डीसीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर कविता को राहत मिल सकती है। वहीं बीडीओ समेत कई अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

यह था पूरा प्रकरण
बीएमएम कविता गंगवार पर आईसीआरपी के 22 लाख रुपये का मानदेय गलत खातों में भेजने का आरोप था। गलती पता चलने के बाद इस रकम की रिकवरी कर सही खातों में भेज दी गई थी। उस समय इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। कुछ समय पहले बीडीओ पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन पहुंचाने के बदले में शासन से बालाजी महिला स्वयं सहायता समूह को मिले 1.70 लाख के भुगतान में से 50 हजार रुपये कमीशन वसूलने का आरोप लगा था।

इसका खुलासा एक अन्य बीएमएम पूनम राजपूत और समूह की पदाधिकारी अनीता की बातचीत के एक वायरल ऑडियो से हुआ था। भोजीपुरा के बीडीओ कमल श्रीवास्तव ने इस मामले में खुद को फंसता देखा तो पुराने मामले में कविता गंगवार पर एफआईआर दर्ज करा दी थी।

कविता के कमरे के पंखा का कनेक्शन तक काट दिया गया था। कविता ने महिला आयोग में अर्जी देने के साथ बीडीओ के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ बीडीओ को तलब किया था। वहीं, मानवाधिकार और महिला आयोग भी बीडीओ समेत जांच कमेटी में शामिल अफसरों को बीते दिनों तलब कर चुका है।

कविता पर एफआईआर, सीएलएफ सदस्यों को छोड़ दिया
डीसीओ की जांच रिपोर्ट के मुताबिक जिस मामले में बीएमएम कविता गंगवार के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई उसमें साफ तौर पर सीएलएफ सदस्यों की भी भूमिका थी, लेकिन एफआईआर में उनका नाम शामिल नहीं किया गया । यहां तक की सीडीओ के निर्देश पर पीडी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय कमेटी ने भी कविता को अकेले दोषी मानकर सीएलएफ (संकुल प्रेरणा समिति) की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, सचिव गीता देवी और कोषाध्यक्ष प्रियंका देवी पर कार्रवाई के लिए नहीं लिखा।

यहां भी पकड़ी फर्जी शिकायत
पिछले साल 19 जून को विभागीय कर्मी जीशान ने जमुनिया जागीर की रहने वाली एक महिला के नाम से शिकायत की थी कि कविता वसूली में लिप्त है। इसकी डीसीओ ने जांच की जो पता चला कि एक षडयंत्र के तहत महिला के फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत की गई थी। इसके अलावा बीडीओ के इशारे पर हिमांशु भारद्धाज ने भी कविता को फंसाने की साजिश की। इसका भी जांच रिपोर्ट में जिक्र किया गया है।

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