हरदोई: पुलिस की पिटाई से हुई बेटे की मौत! मां ने लगाया आरोप तो पीएम को लिए कब्र खोद कर निकाला गया शव

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई, अमृत विचार। पिटाई से मौत होने और फिर जबरन शव को दफन कराने के आरोपों से सामना कर रही हरियावां पुलिस ने रविवार को कब्र खोद कर उसमें दफन किए गए शव को बाहर निकाला गया। लोग मान रहें है कि लगाए गए आरोप कहां तक सही है और कहां तक गलत? शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही इसका पता चल सकेगा और कार्रवाई तय की जाएगी, लेकिन उससे पहले तक पुलिस का हलकान रहना लाज़िम माना जा रहा है। 

बताते चलें कि हरियावां थाने के कमलापुर मजरा अरुआ की कमला देवी पत्नी सुरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री डीएम व एसपी को शिकायत पत्र देते हुए बताया कि उसका पुत्र नीरज शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर था और दवाई के सहारे जी रहा था। 6 मार्च को गांव की मीना पत्नी महिपाल ने थाने में प्रार्थना पत्र देते हुए नीरज की शिकायत की थी, जिस पर थाने के दो कांस्टेबिल उसे पकड़ने आए और मारपीट करते हुए थाने ले गए। 

उसकी मां कमला देवी ने आगे बताया था कि उसके बीमार बेटे की थाने में पिटाई की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिस ने उसी दिन शाम को उसे छोड़ दिया। कमला का कहना है कि नीरज की हालत को देख कर उसका निजी हास्पिटल में इलाज शुरू कराया। 13 मार्च को खुद नीरज ने पुलिस के ऐसे बर्ताव की ऑन-लाइन शिकायत की थी। लेकिन उसके अगले ही दिन गुरुवार को नीरज की मौत हो गई। 

कमला का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसके पुत्र की मौत हुई,उसने शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की,लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी और बगैर पोस्टमार्टम के शव को जैसे-तैसे दफन करा दिया। उसकी मां कमला देवी शुक्रवार को अपने घर वालों के साथ मुख्यमंत्री, डीएम व एसपी को शिकायत पत्र देकर दोषी पुलिस कर्मियों व मीना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नीरज की मां कमला देवी की मांग पर रविवार को वहीं गांव के बाहर दफन किए गए नीरज के शव को उसकी कब्र खोद कर  निकाला गया। कहा जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लगाए गए आरोप कहां तक सही है और कहां तक गलत,इसका पता चल पाएगा

मीडिया को भी रखा गया दूर 

हरदोई। कमालपुर गांव में कब्र खोद कर शव निकाले जाने की खबर सुनते ही मीडिया के साथ-साथ वहां काफी भीड़ पहुंच गई,लेकिन पुलिस ने भीड़ को तो आगे नहीं बढ़ने दिया,बल्कि मीडिया वालों को इस लिए दूर रखा कि कोई कब्र खोदने और शव निकालने का फोटो न ले सके, मीडिया से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि उन्हे मना कर दिया गया था कि न  फोटो खींचे और न कोई वीडियो बनाएगा। लेकिन ऐसा क्यो किया गया,किसी की समझ में नहीं आ रहा है।

एक दिन पहले से दौड़ने लगी थी पुलिस

हरियावां पुलिस ने कमालपुर गांव में रविवार को कब्र खोद कर नीरज का शव बाहर निकाल कर उसे पोस्टमार्टम भेजा, लेकिन वह उससे एक दिन पहले शनिवार से दौड़ लगाने लगी थी। शनिवार को एसएचओ की गाड़ी सीएमओ आॅफिस के बाहर खड़ी देखी गई,उधर पोस्टमार्टम हाउस के लोगों का कहना है कि उन्हे भी तलब किया गया था,कहीं सेटिंग-गेटिंग के लिए तो ऐसा नही किया गया,लोग इसी में उलझे हुए है।

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