लखनऊ: डॉक्टर और कर्मचारी हो चुके हैं साइबर ठगों का शिकार, पैसे वापस होने की नहीं दिख रही उम्मीद

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) ने साइबर ठगों के बढ़ते हौसले को लेकर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। इतना ही नहीं इप्सेफ ने इस मामले में मुख्यमंत्री से कार्रवाई करने की अपील की।

दरअसल, बीते कुछ दिनों से साइबर क्राइम लगातार बढ़ रहा है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ही कई डॉक्टर वा कर्मचारी इसकी जद में आ गए। इसके अलावा साइबर ठगों ने कई अन्य अस्पतालों के कर्मचारियों और डॉक्टर को भी अपना शिकार बनाया है और उनके लाखों रुपए ठग लिए है। लेकिन अभी तक साइबर ठगों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई होती हुई नहीं दिख रही है। जिसके चलते साइबर ठगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

इप्सेफ के सचिव अतुल मिश्रा ने इस विषय पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब पैसा एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो रहा है। सारी जानकारी अकाउंट होल्डर की सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।

इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने बताया कि साइबर ठगों द्वारा रोजाना लाखों रुपए कर्मचारीयों वा जनता के बैंक खाते से निकल लिए जा रहे हैं। थानों में एफआईआर दर्ज कर दी गई है परंतु अपराधी पकड़े नहीं जा रहे हैं और ना ऐसे लोगों का पैसा वापस कराया जा रहा है। 

उन्होंने खेद व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कराकर धनराशि वापस क्यों नहीं करा रहे हैं। सरकार कहती है कि अपराध बंद हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि गाढ़ी कमाई की धनराशि को साइबर क्राइम करने वालों को पकड़कर वापस कराई जाए वरना जनता को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।

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