बरेली: कोविड एल-3 अस्पताल की लापरवाही से गई थी संक्रमित बुजुर्ग की जान
बरेली,अमृत विचार। बीते दिनों हुई एक संक्रमित बुजुर्ग की मौत के मामले में अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने जांच बैठायी है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि बुजुर्ग को इलाज के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं दिए गए। इसके चलते उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि कोविड एल-3 अस्पताल से स्पष्टीकरण लें कि …
बरेली,अमृत विचार। बीते दिनों हुई एक संक्रमित बुजुर्ग की मौत के मामले में अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने जांच बैठायी है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि बुजुर्ग को इलाज के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं दिए गए। इसके चलते उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि कोविड एल-3 अस्पताल से स्पष्टीकरण लें कि संक्रमित को रेमडेसिविर इंजेक्शन क्यों नहीं दिया।
अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने समीक्षा बैठक के दौरान सात अक्टूबर को हुई मौत, जिले में हुई सैंपलिंग, कॉटेक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस सर्वे के मुद्दे पर बात की। इस दौरान फरीदपुर के पढ़ेरा निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग सतीश चंद्र की मौत में लापरवाही पर सवाल किया। जब सतीश चंद्र को 12 दिनों से बुखार था और वह हाइपरटेंशन और दिल की बीमारी से ग्रसित थे, तो उन्हें समय से अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया जा सका।
नोडल अधिकारी ने पूछा कि हालत बिगड़ने पर दो अक्टूबर को उनकी जांच कराने और पॉजिटिव आने के बाद जब भर्ती भी किया गया तो कोविड एल-3 अस्पताल ने रेमडेसिविर इंजेक्शन मौजूद होने पर भी क्यों नहीं दिया। उन्होंने नाराजगी व्यक्ति करते हुए कोविड एल-3 अस्पताल से स्पष्टीकरण तलब करने और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं, इस मामले में सर्वेक्षण टीम को लेकर भी उन्होंने असंतोष जताया। कहा कि जब वह पहले से बीमार थे तो जानकारी उन तक क्यों नहीं पहुंची। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस मामले में सर्वे की स्थिति और लापरवाही पाए जाने पर टीम के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
