बहराइच: बेटी के तिलक कार्यक्रम से पूर्व पिता ने खाया जहर, भर्ती

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तिलक में धन की कमी के चलते उठाया कदम

बहराइच, अमृत विचार। जनपद के ललुही गांव निवासी एक ग्रामीण ने मजबूरी में जान देने के लिए जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीण ने यह जानलेवा कदम बेटी के तिलक कार्यक्रम से कुछ दिन पहले उठाया। परिवार के मुताबिक तिलक कार्यक्रम में दहेज देने के लिए कई लोगों से सहयोग मांगा, लेकिन सफलता नहीं मिली। जिस पर उसने आत्महत्या की कोशिश की।

खैरीघाट थाने के ललुही पथार के मजरे पथार कलां निवासी 45 वर्षीय दलित सिपाही लाल पुत्र बाबूराम मजदूरी करके परिवार की आजीविका चलाता है। एक बेटी व एक बेटे की शादी कर चुका है। बेटे के एक छह माह का बेटा है। उसके तीन बेटे व चार बेटियां है। दूसरी बेटी की भी उसने नवाबगंज इलाके के एक गांव में शादी तय की है। गुरूवार को तिलक जाना है। जबकि 26 अप्रैल को शादी होनी है। धन की कमी होने की वजह से उसने कई जगह उधार मांगा। उसे हर जगह इंकार ही मिला। मंगलवार दोपहर में वह बेटी की ननिहाल में शादी का पहला कार्ड देने की रस्म अदायगी को निकला था। ननिहाल महसी इलाके के नकवा गांव में है। वह नकवा गांव नही पहुंचा। मंगलवार शाम वह बंजरिया में रास्ते में सड़क पर पड़ा था। उसके मुंह से फेना व झाग निकल रहे थे। लोगों ने उसे पहचान उसके परिजनों को जानकारी दी। परिजन आनन फानन में वहां पहुंचे। उसे निजी क्लीनिक ले जाया गया। बुधवार सुबह हालत काफी बिगड़ने पर उसे मेडिकल कालेज लाए जाने पर डा. मनोज चौधरी, फार्मेसिस्ट श्याम बाबू ने उसे तत्काल भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया। हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

ससुराल के लोगों ने नहीं मांगा दहेज, लेकिन कुछ देना है जरूरी

जिला अस्पताल में भर्ती सिपाही लाल की पत्नी राधा देवी ने बताया कि बेटी की ससुराल के लोग अच्छे हैं। कोई मांग नहीं की है। लेकिन बेटी की शादी में कुछ दहेज मिल जाए, इसके लिए पति ने सभी से सहयोग मांगा। जब किसी के द्वारा सहयोग नहीं मिला तो उन्होंने निराश होकर आत्महत्या के लिए कदम उठा लिया।

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