बिजनौर: शाहनवाज हत्याकांड के दोषी सुमित को आजीवन कारावास, कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

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Edited By Amrit Vichar
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आरोपी सुमित को कोर्ट लेकर जाती पुलिस।

बिजनौर, अमृत विचार। साढ़े चार वर्ष पहले बिजनौर के सीजेएम कोर्ट में  दिल्ली पुलिस की हिरासत में अपने साथी जब्बार के साथ आए शाहनवाज की गोली मारकर हत्या के मामले में शामली निवासी सुमित को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनते ही दोषी कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगा। 

 17 दिसंबर 2019 की दोपहर दो बजे दिल्ली पुलिस नजीबाबाद निवासी शाहनवाज और जब्बार को कोर्ट में पेश करने के लिए बिजनौर लाई थी। सीजेएम कोर्ट में दोपहर को अहसान व शादाब हत्याकांड में दोनों को पेश किया गया था। इस दौरान सुमित, साहिल व अकराज ने कोर्ट में ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं। 

इस बीच जब्बार कोर्ट से भाग गया था, जबकि शाहनवाज के शरीर में 11 गोलियां लगी थीं। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना में कोर्ट मोहर्रिर मनीष भी गोली लगने से घायल हो गए थे। सीजेएम के गनर रवि, दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल, कोर्ट मोहर्रिर मनीष आदि पुलिसकर्मियों ने तीनों हमलावरों साहिल पुत्र अहसान निवासी नजीबाबाद, अकराज निवासी किरतपुर और सुमित निवासी शामली को पकड़ लिया था। 

शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान के अनुसार,  इस हत्याकांड में शामिल नाबालिग साहिल और अकराज की सुनवाई पर हाईकोर्ट से स्टे है। बुधवार को बहराइच से कड़ी सुरक्षा के बीच सुमित को बिजनौर कोर्ट लाया गया । इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद शुक्ला ने सुमित को शाहनवाज की हत्या, जानलेवा हमले और अवैध शस्त्र रखने का दोषी माना । 

गुरुवार को कोर्ट ने दोषी सुमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख का जुर्माना भी लगाया है। सजा के बाद बहराइच जिले की पुलिस उसे अपने साथ ले गई। कोर्ट में जान गंवाने वाला शाहनवाज पूर्वांचल के डॉन रहे मुख्तार अंसारी का करीबी बताया जाता था।

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