Irfan Solanki: इरफान सोलंकी की सजा बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट जाएगी पुलिस, आगजनी कांड में मिली है सात साल की कैद व जुर्माना

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी समेत पांच लोगों को कोर्ट ने प्लॉट पर आगजनी के मामले में दोषी करार देने के बाद सात साल की सजा के साथ अर्थदंड लगया था। लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इरफान सोलंकी की सजा बढ़ाने के लिए पुलिस ने अधिवक्ताओं की मदद से हाईकोर्ट जाने की तैयारी पूरी कर ली है। इस मामले के बाद इरफान समेत अन्य आरोपियों के परिवारों की नींद उड़ गई है। 
  
एडिशनल पुलिस कमिश्नर हेडक्वार्टर एवं क्राइम विपिन मिश्रा ने मीडिया ब्रीफिंग में देर शाम बताया कि महराजगंज जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत पांच आरोपियों को सात साल की सजा हुई है। इन सभी पर जाजमऊ थानाक्षेत्र के डिफेंस कालोनी स्थित नजीर फातिमा के प्लॉट पर कब्जा करने और घर पर आगजनी करने का आरोप लगा था। जिसमें कोर्ट ने इरफान समेत पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था। 

बताया कि सभी आरोपियों पर धारा 147, 436, 427, 504, 506, 323 में दोषी ठहराया गया है। धारा 386, 120B से सभी दोष मुक्त कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे प्रमुख आईपीसी की धारा 436 है। इसमें कम से कम 10 वर्ष की सजा और अधिकतम उम्रकैद हो सकती है। इसमें कोर्ट ने इरफान को महज 7 वर्ष की सजा सुनाई है। इससे कम सजा होने के चलते पुलिस हाईकोर्ट में अपील करेगी। इससे कि इरफान समेत अन्य आरोपियों को 10 वर्ष या फिर आजीवन कारावास की सजा मिल सके। 
 
 धारा              कितनी है सजा

436-             10 साल से आजीवन कारावास 
506-             2 साल तक की कैद या जुर्माना  
147-            2 साल का कारावास या जुर्माना 
427-           2 साल तक का कारावास या जुर्माना
323-           1 साल तक का कारावास या जुर्माना
504-          2 साल तक की सजा या जुर्माना 

जाजमऊ निवासिनी नजीर फातिमा के प्लॉट पर कब्जे और आगजनी का यह मामला सात सितंबर वर्ष 2022 का है। नजीर ने इस प्रकरण में सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत 20 से ज्यादा अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए आठ सितंबर को जाजमऊ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 

बाद में इस प्रकरण में पुलिस की जांच में हिस्ट्रीशीटर शौकत अली, पूर्व पार्षद मुरसलीन उर्फ भोलू, मोहम्मद शरीफ, हिस्ट्रीशीटर इजराइल आटे वाला, मोहम्मद अज्जन, अनूप यादव समेत इस अन्य नाम प्रकाश में आए थे। यह मामला बढ़ता ही गया और आगे चलकर इरफान सोलंकी और उसके गैंग पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी।

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