लखीमपुर-खीरी: दिल्ली में मिलीं इंडो नेपाल बॉर्डर की 47 लड़कियां, सीडब्ल्यूसी कर रही जांच

लखीमपुर-खीरी: दिल्ली में मिलीं इंडो नेपाल बॉर्डर की 47 लड़कियां, सीडब्ल्यूसी कर रही जांच

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। बाल कल्याण समिति ने जिले के नेपाल बॉर्डर की रहने वाली 47 किशोरियों को दिल्ली में बरामद किया है। इनमें से 27 किशोरियों के सत्यापन के बाद उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया है, जबकि अन्य दस किशोरियों को परीक्षा होने तक वहीं रोक दिया गया है, जिन पर सीडब्ल्यूसी न सिर्फ नजर रख रही है, बल्कि जांच भी करा रही है।

समिति सदस्य सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बाल कल्याण समिति, दिल्ली के पदाधिकारियों ने एक शिकायत पर अनाधिकृत बाल संरक्षण गृह का निरीक्षण किया तो वहां जिले के नेपाल बॉर्डर स्थित चंदनचौकी और गौरीफंटा क्षेत्र की 47 लड़कियां मिलीं। इस पर संस्था ने जिले की समिति से सत्यापन कराया तो 27 किशोरियों के माता-पिता घर में मिले, जबकि पांच के घर पर ताला पड़ा मिला। बताया गया कि वह बाहर काम करने गए हैं। 

अभिभावकों ने बताया कि एनजीओ इन बच्चों को निशुल्क शिक्षा, भोजन और आवासीय व्यवस्था के तहत ले गई है। क्षेत्र से हर साल अनेक बच्चे दिल्ली की संस्था उन्हें पढ़ाने के लिए ले जाती है। हालांकि संस्था ने माना कि जिले में पढ़ाई-लिखाई की समुचित व्यवस्था के बाद भी बच्चों को इतनी दूर क्यों भेजा? संदेह उत्पन्न होने के कारण जिले की टीम से सत्यापन कराया गया। पश्चात दिल्ली पुलिस की टीम 12 जून को जिला मुख्यालय लेकर पहुंची। 

सभी 27 किशोरियों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया गया। बहरहाल, इन किशोरियों की बरामदगी कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि अब स्थानीय सीडब्ल्यूसी का कहना है कि एनजीओ बच्चों को पढ़ाने के लिए ले गई थी, लेकिन संदेह के आधार पर उन्हें उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया है।

एनजीओ के लोगों द्वारा जिले से 47 किशोरियों को दिल्ली में रहने, खाने और पढ़ाई की निशुल्क व्यवस्था के तहत ले जाया गया था। शिकायत मिली थी कि अनाधिकृत बाल संरक्षण गृह में भारत नेपाल सीमा से लाई गईं किशोरियां रह रही हैं, जिस पर मौके की जांच की गई तो संदेह उत्पन्न होने पर सत्यापन कराया गया। 27 किशोरियों को उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया है। पांच किशोरियों के अभिभावक कहीं बाहर काम करने गए थे, जिनके घरों में ताले लगे मिले।अन्य किशोरियों का भी सत्यापन कराया जा रहा है।-सुरेंद्र पाल सिंह, सदस्य, सीडब्ल्यूसी।

क्षेत्र से बच्चों को पढ़ाई के लिए व्यक्तिगत तौर पर लोग दिल्ली सहित अन्य महानगरों में भेज देते हैं। शिकायत पर मिली लड़कियों की नाम-पते सत्यापन में सही मिले हैं, इससे संदेह की बात खत्म हो गई है।-यूके सिंह, परियोजना अधिकारी जनजाति विकास

नेपाल बॉर्डर की रहने वाली 27 किशोरियों को दिल्ली से लाकर सीडब्ल्यूसी ने उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया है। कमेटी मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-संजय निगम, जिला प्रोवेशन अधिकारी।

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