बरेली: जेल गया राणा, अब नाटकीय ढंग से हाजिर कराने वाले रडार पर...SSP ने शुरू कराई जांच

Amrit Vichar Network
Published By Vikas Babu
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बरेली, अमृत विचार : अपना होटल और कोठी ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई के बीच अचानक हाजिर हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी राजीव राणा को शुक्रवार को पांच और आरोपियों के साथ जेल भेज दिया गया। इनमें उसके भाई और बेटे भी शामिल हैं। इसके साथ उन सफेदपोश लोगों को भी चिह्नित करने में जुट गई है जिन्होंने नाटकीय ढंग से हाजिर होने में राणा की मदद की। एसएसपी ने यह जिम्मेदारी एसपी देहात मानुष पारीक को सौंपी है।

पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार रात सीओ अनीता चौहान के साथ इज्जतनगर पुलिस और एसओजी ने अलग अलग दबिश देकर राणा के परिवार के चार लोगों के साथ उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया। इनमें 34 ए संजयनगर में रहने वाला राजीव राणा का भाई हरिओम सिंह और राधेश्याम, सुरेशशर्मा नगर में रहने वाले उसके दो बेटे आशीष और राजन और जोगीनवादा की गोसाई गौंटिया निवासी उसका ड्राइवर दिनेश कठेरिया शामिल है। इन सभी के भी नाम पीलीभीत बाईपास पर प्लॉट कब्जे के लिए दो घंटे तक गोलीबारी के बाद थाना इज्जतनगर में दर्ज कराई गई एफआईआर में शामिल हैं। राणा के साथ शुक्रवार को इन सभी को जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब उन लोगों को चिह्नित करने में भी जुट गई है जिन्होंने राजीव राणा उसके होटल और कोठी को गिराए जाने के दौरान नाटकीय ढंग से हाजिर कराया। पुलिस का कहना है कि राणा की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ से उत्तराखंड तक पांच टीमें दबिश दे रही थीं। जिस तरह उसने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने के दो घंटे के अंदर कैमरों के बीच आत्मसमर्पण किया, उससे साफ जाहिर है कि वह कुछ लोगों के संपर्क में था और योजनाबद्ध ढंग से उसका नाटकीय आत्मसमर्पण कराया गया। एसएसपी अनुराग आर्य ने इन लोगों को चिह्नित करने के लिए एसपी देहात मानुष पारीक को जांच का निर्देश दिया है।

हिस्ट्रीशीटर केपी अब भी फरार कोर्ट में हाजिर होने नहीं पहुंचा
राणा का प्रमुख सहयोगी हिस्ट्रीशीटर सभासद हिस्ट्रीशीटर केपी यादव अब भी फरार है। पुलिस उसका कोई पता नहीं लगा पाई है। केपी यादव ने कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के लिए अर्जी लगाई थी जिस पर शुक्रवार को सुनवाई भी थी लेकिन वह कोर्ट भी नहीं पहुंचा। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

...तो क्या शहर में ही छिपा हुआ था राणा
संजयनगर में अपनी कोठी और होटल पर बुलडोजर चलना शुरू होने के कुछ ही देर बाद मौके पर पहुंचकर हाजिर होने वाला राणा कहां छिपा हुआ था, यह अब तक साफ नहीं हुआ है। सिर्फ अटकलबाजी ही चल रही है। हालांकि, यह साफ तौर पर माना जा रहा है कि वह शहर में ही छिपा था या कहीं आसपास था। तभी इतनी जल्दी मौके पर पहुंच गया। यह भी सवाल उठ रहा है कि अगर वह शहर में छिपा था तो उसे किसने शरण दे रखी थी।

राजीव राणा को किसने नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने हाजिर कराया, इसकी जांच एसपी देहात मानुष पारीक को दी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी। गोलीकांड के छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनके साथ राजीव राणा को भी शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया- अनुराग आर्य, एसएसपी

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