मुरादाबाद: छह शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त, जांच शुरू
मुरादाबाद,अमृत विचार। बेसिक शिक्षा विभाग में अभी अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन निकालने के मामले की जांच ठीक से शुरू भी नहीं हुई कि मंडल में शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। जिसका संज्ञान लेते हुए बीएसए ने तत्काल छह शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त कर दी है। इसके साथ ही मामले की …
मुरादाबाद,अमृत विचार। बेसिक शिक्षा विभाग में अभी अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन निकालने के मामले की जांच ठीक से शुरू भी नहीं हुई कि मंडल में शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। जिसका संज्ञान लेते हुए बीएसए ने तत्काल छह शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त कर दी है। इसके साथ ही मामले की जांच भी शुरू हो गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग में वेतन निकलवाने के नाम पर जमकर वसूली हो रही है। इसकी शिकायत महानिदेशक शिक्षा से की गई तो एडी बेसिक को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए। इस मामले की अभी जांच शुरू भी नहीं हुई कि मंडल में एक ओर नया मामला सामने आया है। इस मामले में शिक्षक भर्ती में धांधली की गई है।
धांधली में सामने आया कि किसी अभ्यर्थी की अंकतालिका में ही गड़बड़ी थी तो किसी ने खुद की जगह पति का जाति प्रमाण पत्र लगाया था। लेकिन, उच्चाधिकारियों ने आंखे मूंदकर उन्हें नियुक्ति दे दी। इसके साथ ही सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए। बात सिर्फ यही खत्म नहीं हुई अनुपस्थित रहने के बावजूद शिक्षक एक सप्ताह से रोज हाजिरी लगा रहे थे। लेकिन, अब स्वयं का पल्ला झाड़ते हुए विभागीय अधिकारी कम्प्यूटर की कमी बताकर साफ बचने का प्रयास कर रहा है।
अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस तरह और आधार को मानकर शिक्षकों को नियुक्ति दी गई और अब बचाव के लिए इसे कम्प्यूटर की त्रुटि बताया जा रहा है। मामला प्रकाश में आते ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। क्योंकि इस मामले में कितने अधिकारियों की गर्दन फांसेगी, यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल सभी एक दूसरे की करनी का फल भोगने की बात कह रहे हैं। इन अभ्यर्थियों में ऊद्यौ सिंह पुत्र नत्थू सिंह, सुरेश कुमार पुत्र लाल सिंह, पूनम देवी पुत्री घनश्याम सिंह, स्वाति भंडारी पुत्री प्रमोद भंडारी, डिंपल देवी पुत्री अनिल कुमार, प्रियंका रानी पुत्री हरिओम सिंह शामिल हैं। वहीं मातृत्व अवकाश के वेतन के मामले में एडी बेसिक संजय कुमार ने बताया कि एक हफ्ते के बाद ही जांच पूरी हो सकेगी। इससे पहले किसी भी पक्ष के बारे में कुछ कहना उचित नहीं है।
