अयोध्या: पूर्व राष्ट्रपति कोविंद पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोपी को जमानत नहीं
अयोध्या, अमृत विचार। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को फेसबुक आईडी पर जाति सूचक शब्द व गालियां देने के मामले में आरोपी संदीप तिवारी को कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट शिवानी जायसवाल की अदालत से हुआ।
विशेष लोक अभियोजक नरसिंह नारायण उपाध्याय ने बताया कि घटना की रिपोर्ट पूर्व विधायक हूबराज कोरी की तहरीर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दर्ज हुई थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि 29 अगस्त 2018 को शाम 5:00 बजे फेसबुक पर एक कमेंट देखा। जिस पर संदीप तिवारी नामक व्यक्ति से 23 अगस्त 2018 को पोस्ट पर कमेंट करते हुए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जाति सूचक शब्द व अभद्र भाषा का प्रयोग किया था जिससे अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जाति की भावनाओं को ठेस पहुंची है और देश व सर्वोच्च पद का अपमान हुआ है।
बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अपने ऑर्डर में लिखा कि आवेदक की फेसबुक आईडी से किया गया कमेंट केस डायरी में संलग्न है। उसने इस से इनकार नहीं किया है। फेसबुक आईडी उसी की है। रामनाथ कोविंद इस देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन रहे हैं जो इस देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है उनके विषय में इस प्रकार के जाती सूचक शब्दों का सोशल मीडिया पर प्रयोग करके आवेदक द्वारा सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा पर भी कुठाराघात किया गया है। इसलिए वह जमानत का अधिकारी नहीं है।
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