कासगंज: अमृत विचार की खबर का असर: मोहनी हत्याकांड में पीड़ित परिवार के घर तैनात किए गए सशस्त्र पुलिसकर्मी

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Edited By Amrit Vichar
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कासगंज, अमृत विचार। मोहिनी हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार की जान को खतरा होने की आशंका महिला के पति ने जाहिर की। इसको लेकर अमृत विचार ने प्राथमिकता के साथ समाचार प्रकाशित किया। सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। फिर पुलिस सक्रिय हो गई। अब तक निहत्थे पुलिसकर्मी बेरोजगारी कर रहे थे, लेकिन अब सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने पहरेदारी शुरू कर दी है। 

पिछले माह तीन सितंबर को महिला अधिवक्ता मोहनी तोमर न्यायालय के मुख्य द्वार से लापता हो गई थीं। चार सितंबर की शाम को उनका शव गोरहा नहर में गांव राजपुरा के समीप मिला। इधर महिला के पति ने अमृत विचार से बातचीत में अपनी जान को खतरा बताया। स्पष्ट किया कि मुझे मारने की साजिश हो रही है और मेरे घर पर जो पहरेदार बताए गए हैं। वह निहत्थे हैं। अमृत विचार समाचार पत्र में प्रकाशित इस खबर के बाद पुलिस सक्रिय हो गई और महिला अधिवक्ता के परिवार की सुरक्षा सख्त कर दी गई है। वहां सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

आखिर कब आएगी डीएनए रिपोर्ट
 
बीती 18 सितंबर को महिला की बहन और मृतक अधिवक्ता के संकलित नमूने डीएनए जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। 26 दिन बाद भी अभी तक रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिल सकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस लाचार है या फिर व्यवस्था में कहीं झोल है, जो भी हो, लेकिन डीएनए रिपोर्ट न आने के कारण अभी तक महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो सका है। इसको लेकर उनका पति बेहद परेशान है।

डीएनए रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। मृतक अधिवक्ता के परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं भी किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं की जा रही है। मैं स्वयं निगरानी कर रहा हूं।- लोकेश भाटी, इंस्पेक्टर

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