कानपुर में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, उपभोक्ताओं का आरोप मांगें जा रहे 450 रुपये की अतिरिक्त
कानपुर, अमृत विचार। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते अपने देश में गैस की आई दिक्कत की चिंगारी से कानपुर शहर अछूता नहीं है, जिसका पूरा लाभ ब्लैकमेलर उठा रहे हैं। कानपुर की कई गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी हैं। गैस एजेंसी भी ब्लैकमेल करने में पीछे नहीं है जो अपनी शर्तों पर उपभोक्ता को सिलेंडर देने की बात कर रही हैं।
कानपुर के आलोक मेहरोत्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक एवं जिलाधिकारी को एक्स X पर पोस्ट करके आरोप लगाया है कि सुमिता गैस एजेंसी द्वारा 450 रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही है, आरोप है कि उपभोक्ताओं से गैस सिलेंडर मूल्य के अतिरिक्त 450 रुपये मांगे जा रहे हैं कि पहले बीमा कराओ, रबर खरीदो, तब गैस बुक होगी। उधर कानपुर में शुक्रवार को भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गई, हालांकि इलाकाई पुलिस व्यवस्था बनाने में काफी मददगार साबित हो रही है लेकिन उसके बाद भी गैस के लिए लोग परेशान हैं।

कामर्शियल 5000, घरेलू 2000 रुपये
गैस की किल्लत का पूरा लाभ ब्लैकमेलिंग वाला गैंग उठा रहे हैं, होटल, रेस्टोरेंट व अन्य खानपान की दुकानों में जो जैसा शिकार फंस जाए, उस तर्ज पर दलाल काम कर रहे हैं। कामर्शियल सिलेंडर कहीं 3500, कहीं 4000 और कहीं कहीं 5000 रुपये में मिल रहा है, इसी प्रकार कई स्थानों पर घरेलू सिलेंडर 1800 से 2000 रुपये तक ब्लैक में मिल रहा है। दलाल भी इतने चालाक हैं कि जिसे अच्छी तरह से जानते हैं, उन्हीं के जरिये सिलेंडर दे रहे है।
हास्टल छात्रों की थाली से चपाती रोटी गायब
कानपुर की सबसे बड़ी कोचिंग मंडी काकादेव है, यहां दर्जनों छात्रों एवं छात्राओं के हास्टल हैं जिनमें हजारों छात्र रहते हैं, इन छात्रों के खाने पीने की व्यवस्था भी हास्टल के जरिए की जाती है। छात्रों को चपाती रोटी बहुत पसंद है लिहाजा तवा रोटी मैन्यू में जरुर रहती है लेकिन गैस की किल्लत के चलते चपाती रोटी नहीं बन पा रही है क्योंकि चपाती रोटी गैस पर ही बनती है। हास्टल के जिम्मेदारों का कहना है कि सारा खाना तो कोयले या लकड़ी पर बन जाता है लेकिन रोटी गैस पर ही बनती है जिसकी दिक्कत है। इसी प्रकार छात्रों के टिफिन का मैन्यू भी कमजोर हुआ है और टिफिन के रेट भी 20 प्रतिशत तक बढ़ गये हैं।
सुबह से लाइन में, पर्ची बनवाई, नंबर आया तो गैस खत्म
- घर में गैस खत्म हो गयी है, कई घंटे से सिलेंडर के इंतजार में हैं, कहा जा रहा है कि जल्दी मिल जाएगा लेकिन कुछ पता नहीं है, गाड़ी आई है लेकिन अभी कुछ नहीं कहा जा सकता... रीता।
- पहले गैस एजेंसी के बाहर सिलेंडर के लिए पर्ची बनवाने के लिए दो घंटे से ज्यादा लाइन में लगना पड़ा, अब गैस की गाड़ी के पास खड़े हैं, कोरोना कॉल की तर्ज पर सिलेंडर के लिए जूझना पड़ रहा... राकेश कुमार।
- सुबह से ही गैस एजेंसी पर आ गये थे, लाइन में लगकर किसी तरह पर्ची बनवाई और सिलेंडर लदे ट्रक तक पहुंचे लेकिन अब कहा जा रहा है कि सिलेंडर खत्म हो गये हैं, कल मिलेगा... शमीम बानो।
- पहले ऑन लाइन गैस बुक कराते थे और दूसरे दिन घर पर आ जाती थी लेकिन अब तो ऑन लाइन बुकिंग सिस्टम ही बंद है जिससे दिक्कत आ रही, एजेंसी पर परेशान हैं, कोई बताने वाला नहीं है... पुष्पा।
