Kanpur: न्यू कानपुर सिटी योजना को धरातल पर उतारने के लिये केडीए करेगा सख्ती, इतने दिन में सहमति नहीं दी तो कानूनन लेगा भूमि...

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भूमि का अर्जन, पुनर्वासन का अधिकार कानून-2013 की धारा-4 के अन्तर्गत अधिगृहित करेगा भूमि

कानपुर, अमृत विचार। न्यू कानपुर सिटी योजना को धरातल पर उतारने के लिये अब केडीए कानून का सहारा लेगा। 3 दिन में योजना के लिये संबंधित काश्तकारों ने अपनी जमीन देने की सहमति नहीं दी तो केडीए भूमि का अर्जन, पुनर्वासन और पुर्नवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार कानून-2013 व नियमावली 2016 के अन्तर्गत अधिग्रहण के लिये धारा-4 की कार्यवाही करेगा। इसके तहत काश्तकारों को योजना के लिये नियम के तहत जमीन देनी ही होगी। सोमवार को इसको लेकर केडीए सचिव अभय कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी निर्देश दिये।

केडीए की बहुप्रतिष्ठित योजना न्यू कानपुर सिटी 153 हेक्टेयर में लाई जानी है। लगभग 65 हेक्टेयर जमीन अभी केडीए को खरीदनी है। जिसको लेकर जद्दोजहद चल रही है। परियोजना को धरातल पर लाने की कड़ी में सचिव अभय कुमार पाण्डेय ने विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह की अध्यक्षता में केडीए सभागार में बैठक की। जिसमें ग्राम-सिंहपुर, गंगपुर चकबदा, हिन्दूपुर, सम्भरपुर के काश्तकारों से केडीए के पक्ष में भूमि विक्रय जाने के लिये चर्चा हुई। 

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन गांवों में लगभग 18 काश्तकारों ने अपनी जमीन देने के लिये सहमति दी है। जिनका रकबा लगभग 2.1 हेक्टेयर है। रवि प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक जो भी काश्तकार, बिल्डर असहमत थे, उनसे वार्ता की गयी  है। उनके असहमति का कारण तथा उनका समाधान भी बताया गया। अधिकतर लोगों की मौखिक सहमति ली गई है। उन्होंने बताया कि असहमत काश्तकारों को केडीए के पक्ष में सहमति देने के लिये 3 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद कानूनन अर्जन की कार्यवाही की जायेगी।

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