Kannauj: दहेज हत्या में दोषी पति को मिला आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया 25 हजार रुपये का जुर्माना

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Edited By Amrit Vichar
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देवर, देवरानी व सास दोषमुक्त

कन्नौज, अमृत विचार। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में अपर सत्र न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं किए जाने पर एक साल की जेल और भुगतने का आदेश दिया है। मामले में महिला को मारने के बाद जला दिया गया था। न्यायालय ने देवर, देवरानी व सास को दोषमुक्त कर दिया।

शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि प्रहलाद सिंह निवासी नगला रघोल, जहानगंज जनपद फर्रुखाबाद ने छिबरामऊ कोतवाली दी तहरीर में कहा था कि बहन पूनम की शादी 17 जून 2007 को सत्यभान पुत्र स्व. हरसहाय निवासी सलेमपुर थाना छिबरामऊ जनपद कन्नौज के साथ की थी। 26 फरवरी 2015 को सूचना मिली कि उसकी बहन की मृत्यु हो गई है। तब वह व परिवार के लोग बहन की ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचे तो देखा कि बहन का जला हुआ शव घर के बाहर रखा है। आरोप लगाया था कि पहले उसकी बहन को मार दिया इसके बाद शव को जला दिया। मौके पर जलते हुए रजाई-गद्दे बिखरे पड़े हैं।

पति सत्यभान के अलावा देवर समरपाल, उसकी पत्नी मीरा व उनकी मां (मृकरा री सास) ने दहेज के कारण बहन पूनम को मारकर आग के हवाले कर दिया। ये लोग दहेज के लिए बहन को आए दिन प्रताड़ित करते थे। मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। आरोप पत्र दाखिल होने के उपरांत फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में सुनवाई चली। शुक्रवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने देवर समरपाल, पत्नी मीरा व सास इंद्रावती को दोषमुक्त कर दिया। पति सत्यभान को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास के साथ 25 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न किए जाने पर एक साल की सजा और भुगतने का आदेश दिया।

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