Bareilly : द्वारे पर आई बिटिया की बरात, विदाई से पहले टूटी मां की सांसे
बहेड़ी, अमृत विचार। घर में मां का शव और दरवाजे पर बेटी की बरात। सोमवार को दिल को हिला देने वाली स्थिति खड़ी हो गई। दिल पर पत्थर रखने की कहावत बहुत मशहूर है, लेकिन आज इस हादसे ने दिखाया कि कैसे दिल पर पत्थर रखा जाता है। परिजनों ने शव को घर में ही रखकर लड़की को ब्याहने का काम शुरू किया।
बहेड़ी के मोहल्ला आज़ाद नगर निवासी प्रवीण कुमार सक्सेना की बेटी श्रद्धा का सोमवार को विवाह था। महराजगंज (गोरखपुर) के प्रिकेश सक्सेना से उसकी शादी हो रही थी। दोपहर को बरात पहुंची। बरात का स्वागत धूमधाम से हुआ और उसी वक्त दुल्हन की मां रजनी की मौत हो गई। लोग बरात की आगवानी और उसको ठहराने के इंतजाम में लगे थे। इसी बीच इस खबर से सभी हिल उठे।
कुछ देर तो किसी को कुछ सूझा ही नहीं। बारात 600 किलोमीटर दूर से आई थी, इसलिए स्थिति और मुश्किल वाली थी। खैर लोगों ने रास्ता निकाला। तय किया कि दुल्हन की मां का शव लाश को घर में रखा जाए। बरात को विदा करने के बाद मृतका का अंतिम संस्कार किया जाए। इसके बाद दिल पर पत्थर रखकर सभी ने अपने -अपने हिस्से के काम निपटाना शुरू कर दिए।
