Mahakumbh 2025: महाकुम्भ का सफल आयोजन बना यूपी पुलिस के लिए चैलेंज, 50 करोड़ श्रृद्धालुओं के पहुंचने की संभावना  

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार। महाकुम्भ 2025 का आयोजन पुलिस के लिए चुनौती है। इस पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए शासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने गत एक वर्ष से तैयारी में जुटा है। क्षेत्रफल की दृष्टि से इस बार अधिक तैयारियां की जा रही है। महाकुम्भ मेला प्रयागराज में देश-विदेश से करीब 40-50 करोड़ श्रृद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के ब्यापक प्रबंध किये गये हैं। प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये गये हैं।

महाकुम्भ मेला-2025 के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक प्रशान्त कुमार ने बताया कि प्रयागराज में सुदृढ़ सुरक्षा ब्यवस्था को लेकर तेजतर्रार और स्वच्छ छबि के पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2025 से महाकुम्भ मेले की शुरुआत होगी। तीन शाही स्नान होगा। सुरक्षा के मद्देनजर कुम्भ मेला परिसर में सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जायेगी। डीजीपी ने बताया कि कुम्भ में आये हुए श्रृद्धालु स्नान करने के बाद वाराणसी में काशी विश्वनाथ, अयोध्या में रामलला के दर्शन और चित्रकूट भ्रमण करने के दृष्टिगत संबंधित जिलों में सुरक्षा ब्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्तर्राज्जीय और अर्न्तराष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी की जायेगी,इसके लिए राज्यों के डीजीपी को पत्र लिखा गया है। डीजीपी प्रशान्त कुमार ने बताया कि करीब 200 करोड़ रुपये के उपकरण प्रयागराज प्रशासन को मुहैया कराया गया है। इसके अलावा साइबर क्राइम को लेकर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिये गये हैं। सोशल मीडिया को और सर्तक किया गया है।

यह भी पढ़ेः अभिनेता संजय मिश्रा बोले, योगी सरकार का दिव्य, भव्य और सुरक्षित महाकुम्भ का सपना हो रहा साकार

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

Ayodhya Ram Mandir: फिजी से रामलला के दर्शन करने पहुंचे 80 साल के बुजुर्ग पर्यटक, हरियाणा से अयोध्या पहुंचे 30 दृष्टिबाधित बच्चे
Bareilly: 60 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंके...वसूली एक भी अफसर से नहीं, हवा में उड़ाया आदेश
दिल्ली की नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ा हादसा: फैक्ट्री में आग से मची अफरा तफरी, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
लखनऊ विश्वविद्यालय की अनूठी पहल: एस्ट्रोफिजिक्स और भगवद गीता के पाठ्यक्रमों को मंजूरी, नए सिलेबस में विज्ञान और संस्कार का मेल
अलीगढ़ की शेखा झील को मिला अंतरराष्ट्रीय महत्व का दर्जा, सीएम योगी ने बताया पर्यावरण संरक्षण की बड़ी जीत