New Year 2025: नव वर्ष के संकल्प

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नया वर्ष, नई उमंग लेकर आता है। हमने वर्ष 2025 में कदम रख लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 2024 में कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं। सरकार वर्ष 2025 में और भी अधिक मेहनत करने तथा विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। वास्तव में  साल 2024 भारत के लिए उपलब्धियों वाला साल रहा। इस साल भारत की अर्थव्यवस्था ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया। भारत, अमेरिका, यूके, पाकिस्तान और श्रीलंका उन 60 से ज्यादा देशों में शामिल थे, जिन्होंने इस साल नई सरकार चुनने के लिए मतदान किया।

लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सत्ता में वापसी हुई। तीसरी बार नरेंद्र मोदी के बतौर प्रधानमंत्री देश की कमान संभालने से आर्थिक सुधारों के तेज गति पकड़ने की संभावना बढ़ गई। भारत का रक्षा निर्यात एक दशक पहले के 2,000 करोड़ रुपये से बढ़कर रिकॉर्ड 21,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है। इसरो ने नए साल से ठीक पहले ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट यानी स्पैडेक्स सैटेलाइट की सफल लांचिग कर एक बार फिर इतिहास रच दिया है।

नए साल के संकल्प जीवन को प्रतिबिंबित करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का एक तरीका हो सकते हैं, जिन्हें हम बदलना चाहते हैं। इसलिए नए साल में हम जीवन के कई नए संकल्प लेते हैं। रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए अपने मन-मस्तिष्क में नए-नए विचारों और दृष्टिकोणों को विश्वास के साथ जगह देने होगी, उनका स्वागत करना होगा और जमीन पर उतारने के लिए मेहनत और लगन से ईमानदार प्रयत्न करने की आवश्यकता है। 

2025 चुनौतियों का वर्ष है, तो अपार संभावनाओं का वर्ष भी है। परंतु नए साल में दुनिया के तमाम देशों को लगातार बढ़ती जा रही आर्थिक, सामाजिक, सुरक्षा और पर्यावरण की चुनौतियों से निपटना होगा। चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर सरकार को महत्वपूर्ण रक्षा सुधारों को आगे बढ़ाना होगा। 2025 का भारत एक नई राजनीतिक दिशा और संभावनाओं के साथ, गहराते सामाजिक-राजनीतिक विभाजन और असंतोष के दौर से भी गुजर सकता है।

अवसरों से भरे इस साल में देश को विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनने के लिए उस देश के समाज का उन्नत होना आवश्यक है और समाज की उन्नति में उसके प्रत्येक सदस्य का एक-दूसरे के प्रति तथा विभिन्न समाजों के मध्य सहयोगात्मक दृष्टिकोण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान समय में, जब तकनीक, विज्ञान और समाज के सभी पहलू तेजी से बदल रहे हैं, हमें सहज, सरल और सृजनात्मक बने रहने की दिशा में काम करना होगा। सभी मिलकर संकल्प लें कि राष्ट्र व समाज निर्माण की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।