काशी की सड़कों पर ग्रामीण महिलाएं: हिंसा के खिलाफ उठायी आवाज, शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग

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Published By Anjali Singh
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वाराणसी। वाराणसी के राजातालाब में घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव और यौन उत्पीड़न के खिलाफ मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं ने उत्तर प्रदेश में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की जोरदार मांग की। घरेलू कामगार महिला स्वयं सहायता समूह, किशोरी संगठन, लोक समिति, दिहाड़ी मजदूर संगठन और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महिला महापंचायत में आराजी लाइन और सेवापुरी ब्लॉक के दर्जनों गांवों से लगभग सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं। 

महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों, तख्तियों और बैनरों के साथ राजातालाब बाजार से तहसील तक जनआक्रोश रैली निकाली। महिलाओं और लड़कियों की हुंकार से पूरा तहसील परिसर गूंज उठा। रैली के दौरान महिलाओं ने "चुप नहीं रहना है, हिंसा नहीं सहना है", "महिला हिंसा बंद करो", "छेड़खानी पर रोक लगाओ", "शराब बेचना बंद करो", "हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो", "भीख नहीं अधिकार चाहिए, जीने का सम्मान चाहिए" तथा "भेदभाव मिटाएंगे, नया समाज बनाएंगे" जैसे नारे लगाए। 

तहसील पहुंचकर महिलाओं ने शराब बिक्री, महिला हिंसा, बाल विवाह और सामाजिक गैरबराबरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया तथा राष्ट्रपति को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी शांतुन कुमार सिनसिनवार को सौंपा। रैली के बाद सिंचाई विभाग के डाक बंगले में महिला हिंसा के खिलाफ महिला महासम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन लोक चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही, पूनम सिंह, तनुजा मिश्रा, ग्राम प्रधान राजेंद्र पटेल तथा लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने दीप प्रज्वलित कर किया। 

सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग होना होगा और समाज में बराबरी के लिए उनकी राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है। सामाजिक कार्यकर्ता तनुजा मिश्रा ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को अपने अधिकारों तथा विभिन्न कानूनों की जानकारी होना जरूरी है। 

लोक चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह ने कहा कि आज हर गांव और शहर में महिलाओं व लड़कियों के साथ हिंसा, छेड़खानी और बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार को ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए संगठित होकर आगे आना होगा।

महिला संगठन की संयोजिका अनीता पटेल ने कहा कि गांवों में शराब की बढ़ती लत का खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और मारपीट जैसी घटनाओं के पीछे शराब एक बड़ी वजह है, इसलिए प्रदेश में शराबबंदी लागू की जानी चाहिए।

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