उत्तराखंड की टीम मैच हारी, पर जीत लिया दिल...

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अमृत विचार, हल्द्वानी। उत्तराखंड और केरल के बीच फाइनल पुरुष फुटबॉल टीम का फाइनल मुकाबला शुक्रवार को शाम 6 बजे से खेला गया। उत्तराखंड बने 25 साल हो गए। लेकिन पहली बार पुरुष फुटबॉल टीम में उत्तराखंड की टीम बनी और नेशनल तक पहुंची। मैच के मुकाबले का पहला हाफ 48 मिनट का हुआ। जिसमें न केरल की टीम गोल पर कर पाई और न ही उत्तराखंड टीम ने गोल किया। दर्शकों को दूसरे हाफ का इंतजार था, कि वह आज हल्द्वानी के इस अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार से उत्तराखंड की जीत देखें। 52 मिनट में केरल ने पहला गोल किया। जिससे उत्तराखंड के दशकों में मायूसी छाई। 74वें मिनट में उत्तराखंड का खिलाड़ी गोल के करीब था, लेकिन केरल के खिलाड़ी ने उत्तराखंड के खिलाड़ी को धक्का मार स्टेडियम में गिरा दिया। जिसके बाद रैफरी ने उसे रेट कार्ड दिखाकर खेल से बाहर कर दिया। वही 74 मिनट में उत्तराखंड टीम के खिलाड़ी शैलेंद्र नेगी को रेड कार्ड दिखाकर रैफरी ने रेड कार्ड दिखाकर टीम से बाहर किया। उत्तराखंड की टीम मैच में गोल नहीं कर पाई लेकिन दर्शकों का जरूर दिल उत्तराखंड की टीम ने जीता है। क्योंकि उत्तराखंड की टीम पहली बार नेशनल मैच खेली है और नेशनल में खेलते हुए उत्तराखंड की टीम ने पहली बार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई। 

 

15 हजार दर्शक पहुंचे मैच देखने 

अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में उत्तराखंड का मैच देखने के लिए 15 हजार से ज्यादा दर्शन पहुंचे। दशकों में इस मैच को लेकर काफी उत्साह था। दर्शकों ने उत्तराखंड तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं के नारे लगाए, इस दौरान पूरा स्टेडियम झूम उठा।

 

शंख लेकर स्टेडियम पहुंचे दर्शन 

उत्तराखंड की टीम का सपोर्ट करने के लिए दर्शन घर से शंक और घंटी लेकर पहुंचे थे। उत्तराखंड की पहले गोल के लिए मैदान में खूब घंटी और शंख बजाया।

खिलाड़ियों से बातचीत 

केरल के कप्तान अजय का कहना है उत्तराखंड की टीम के सामने हम सिर्फ एक गोल कर पाए। उत्तराखंड की टीम के सभी खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। हां हमारी टीम जीती है हमारे खिलाड़ियों ने भी मैदान में अच्छा प्रदर्शन किया जिस हमारी टीम ने यह मैच 1-0 से अपने नाम किया।

 

उत्तराखंड के कैप्टन आयुष बिष्ट का कहना है, कि पहली बार हमारी उत्तराखंड की टीम बनी और पहली बार हम नेशनल गेम के फाइनल में पहुंचे, हमारे लिए यह बड़ी बात है। हमारी पूरी टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। जिस कारण हम फाइनल तक पहुंचे। हमारे टीम के कुछ खिलाड़ी चोटिल थे, लेकिन उसके बाद भी हमने बेहतर प्रदर्शन किया। हल्द्वानी के रहने वाले निर्मल बिष्ट ने बेहतर प्रदर्शन किया हालांकि उनकी दाहिनी आंख पर चोट लगी थी, जिसमें उनकी आंख पर तीन टांके भी लगे थे, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने उत्तराखंड की टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन किया। हमारी टीम हारी नहीं है हमारी टीम जीती है। और मैं हमारे उत्तराखंड के सभी दशकों का भी धन्यवाद करना चाहता हूं। उन्होंने अपनी टीम के लिए इतना ज्यादा सपोर्ट किया।

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