Stock Market Fraud: कांग्रेस का आरोप- माधबी बुच के भ्रष्टाचार में शामिल रही है मोदी सरकार

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड-सेबी की पूर्व प्रमुख माधबी पुरी बुच के भ्रष्टाचार पर मुंबई की अदालत ने भी मुहर लगा दी है और अब साफ हो गया है कि माधबी बुच के साथ मोदी सरकार ने भी जमकर भ्रष्टाचार किया है इसलिए इस मामले की व्यापक स्तर पर जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा,“मुंबई की विशेष अदालत ने एंटी करप्शन ब्यूरो को माधबी बुच के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने कोर्ट ने श्रीमती बुच के साथ सेबी के कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शेयर बाजार में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार के मामले में गंभीर सबूत मौजूद हैं।”

पार्टी ने कहा,“आरोप है कि सेबी ने एक ऐसी कंपनी को लिस्टिंग की इजाजत दी, जो मानकों को पूरा करने में नाकाम रही थी। सेबी के इस फैसले से बाजार में हेरफेर हुआ और निवेशकों को नुकसान हुआ। आरोप यह भी है कि सेबी और कई कॉर्पोरेट संस्थाओं के बीच मिलीभगत थी जिसके कारण इनसाइडर ट्रेडिंग हुई और पैसे का गबन किया गया।”

सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस ने कहा,“इससे पहले भी माधबी पुरी बुच पर आरोप लगे थे कि उन्होंने और उनके पति धवल बुच अडानी ग्रुप से जुड़े ऑफशोर फंड में इन्वेस्टर थे। बुच दंपत्ति के पास बरमूडा और मॉरीशस के उन ऑफशोर फंड्स में हिस्सेदारी थी, जो अडानी के भाई विनोद अडानी से जुड़े थे। सेबी में रहने के दौरान श्रीमती बुच की कंस्टल्टिंग फर्म ‘अगोरा पार्टनर्स’ में हिस्सेदारी थी, लेकिन उन्होंने अपने इन निवेशों के बारे में खुलासा नहीं किया था।”

कांग्रेस ने कहा कि अब साफ है कि सेबी प्रमुख रहते हुए माधवी पुरी बुच ने जमकर भ्रष्टाचार किया और इसमें मोदी सरकार भी शामिल है। इसीलिए, हमारी मांग है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में निष्पक्षता के साथ जांच की जाए और जो भी दोषी हों, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कोर्ट के आदेश के बाद हमें उम्मीद है कि इस भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों का चेहरा और सच्चाई पूरे देश के सामने आएगी।

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