पानीपत पहुंचकर किसानों ने डाला डेरा, कहा- हमें अपना रास्ता बनाना है इसके लिए सब हटा देंगे
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे हजारों किसानों का काफिला गुरुवार शाम पानीपत पहुंचा। यहां पहुंचकर किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर टोल टैक्स बैरियर पर डेरा डाल लिया। चढूनी ने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि …
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे हजारों किसानों का काफिला गुरुवार शाम पानीपत पहुंचा। यहां पहुंचकर किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर टोल टैक्स बैरियर पर डेरा डाल लिया। चढूनी ने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि शुक्रवार सुबह आठ बजे दिल्ली के लिए निकलेंगे। इससे पहले पानीपत के गांव गांजबड के पास बड़ी संख्या में पहले से ही मौजूद किसानों ने चढूनी और उनके काफिले का जोरदार स्वागत किया। काफिले के पहुंचने की सूचना पर पानीपत से लगते गांवों के किसान धीरे धीरे कर के मौके पर जुटना शुरू हो गए।
किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पहले लगे सभी बड़े पांच बैरीकेट्स तोड़ दिए हैं। हम तो शांति से जा रहे हैं यदि कोई हमारा रास्ता रोकेगा तो हम रास्ता तो लेंगे। हमें अपना रास्ता बनाना है इसके लिए बैरीकेट्स हटाने पड़े या कुछ और सब हटा देंगे। सरकार की तरफ से किसी ने बात की है के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तक हमसे किसी ने कोई बात नहीं की है। पुलिस की खुफिया विंग वाले रिपोर्ट ले रहे हैं।
चढूनी ने कहा कि कल सुबह पानीपत से आठ बजे चलेंगे। पुलिस लाठी मारे, सोटे मारे, आंसू गैस के गोले मारे, पानी की बौछारें मारे, हम दिल्ली तक जाएंगे। रास्ते में हमने किसी के साथ कोई ज्यादती नहीं की, किसी को परेशान नहीं किया। किसी को कोई गाली नहीं दी। हम दिल्ली जाकर रहेंगे। दिल्ली की सरकार ने स्वीकृति नहीं दी तो हमें जहां भी जगह मिलेगी बैठ जाएंगे।
उधर रोहतक-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 32 ट्रैक्टर ट्राली में सवार किसान पहले सोनीपत जिले में गांव मुडलाना में पुलिस का नाका तोडकर पानीपत के गांव शाहपुर पहुंचे। यहां पर पुलिस ने एक के बाद एक लगे तीन नाकों पर किसानों के काफिले को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसानों की एकता और हौंसले के आगे नाकों पर तैनात पुलिस बल की एक न चली और किसानों का काफिला एक के बाद एक पुलिस के तीन नाकों को तोडता हुआ गांव शाहपुर पहुंच गया। वहीं पुलिस ने रास्ते में बड़े ट्राले अडा कर किसानों का रास्ता रोने का प्रयास किया। मगर आंदोलनकारी किसानों के सामने पुलिस के प्रयास नाकाफी साबित हुए।
इधर तीसरे पहर खुफिया तंत्र की सूचना पर पानीपत प्रशासनिक व पुलिस तंत्र एकाएक सक्रिय हो गया। राजमार्ग पर चल रहे वाहनों को पानीपत टोल प्लाजा से पहले रिफाइनरी रोड से नहर बाईपास रोड पर मोड़ा गया। जबकि गांव नांगल खेडी के पास रोहतक हाईवे बाईपास से ट्रैफिक को डाहर बाईपास से होते हुए रिफाइनरी बाईपास से मोड दिया गया। पानीपत पुलिस ने किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए योजना बनाई कि करनाल की ओर से आने वाले आंदोलनकारी किसानों को करनाल की सीमा से लेकर गांव सिवाह तक आगमन की पूरी छूट दी जाएगी ताकि पानीपत शहर सुरक्षित रह सके।
वहीं पुलिस ने जीटी रोड किनारे स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से लेकर गांव करहंस तक मोड लेन वाली सडक तक बड़े आकर के ट्रकों योजनाबद्ध तरीके से जीटी रोड की दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाली लेन पर खड़ा करवाया। करीब एक किलोमीटर की दूरी पर ट्रकों को खड़ा करवाया गया है।
