बरेली: राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम मिली रबर फैक्ट्री की 14.31 एकड़ भूमि
बरेली, अमृत विचार। रबर फैक्ट्री से जुड़ी भूमि की वर्ष 1959 से लेकर अब तक की खतौनियों की जांच पूरी हो गयी। रिकॉर्ड में फैक्ट्री की भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम पर दर्ज मिली है। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने भूमि की रिपोर्ट एसडीएम सदर विशु राजा को सौंपी जिसे बुधवार को मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद …
बरेली, अमृत विचार। रबर फैक्ट्री से जुड़ी भूमि की वर्ष 1959 से लेकर अब तक की खतौनियों की जांच पूरी हो गयी। रिकॉर्ड में फैक्ट्री की भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम पर दर्ज मिली है। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने भूमि की रिपोर्ट एसडीएम सदर विशु राजा को सौंपी जिसे बुधवार को मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद को सौंप दिया गया।
रबर फैक्ट्री की भूमि वापस लेने के लिए बाम्बे हाईकोर्ट में नये सिरे से पैरवी कराने को खतौनियों की जांच करायी गयी है। राजस्व ग्राम माधौपुर माफी के अभिलेखों के मिलान में मालूम हुआ कि ग्राम समाज की भूमि के कुल गाटे 10, रकबा 12.700 हेक्टेयर यानि 31.40 एकड़ भूमि का उल्लेख अंतरण विलेख में नहीं मिला है लेकिन भूमि रबर फैक्ट्री के नाम त्रुटिपूर्ण रूप से दर्ज मिली है।
अंतरण विलेख में राजस्व ग्राम माधौपुर माफी के गाटा संख्या 42, रकबा 4.138 हेक्टेयर, ग्राम रूकुमपुर के गाटा संख्या 21, रकबा 1.654 हेक्टेयर दर्ज है। दोनों ग्रामों का कुल रकबा 5.792 यानि 14.31 एकड़ है लेकिन खतौनियों की जांच में रबर फैक्ट्री की यह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम दर्ज मिली है।
तहसीलदार सदर की रिपोर्ट के अनुसार रबर फैक्ट्री के नाम दर्ज भूमि से जुड़ी एक-एक खतौनी व गाटा संख्या की जांच की गयी। ग्राम रूकुमपुर व माधौपुर माफी में रबर फैक्ट्री के नाम वर्तमान में भूमि दर्ज है। खतौनियों की जांच में तहसील सदर के 12 लेखपाल कई दिनों से जुटे हुये थे।
1380.23 एकड़ भूमि 309554 रुपये में खरीदी गयी थी
प्रकरण के परीक्षण में मालूम हुआ कि 2 मई, 1961 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल एवं मैसर्स सिन्थेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड कंपनी के मध्य अंतरण विलेख (डीड ऑफ ट्रांसफर) निष्पादित किया गया। 2 मई, 1961 में अंतरण विलेख में ग्राम भिटौरा नौगवां उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, ग्राम कुरतरा तहसील मीरगंज और रूकुमपुर व माधौपुर गांव तहसील सदर के चार राजस्व गांवों का कुल क्षेत्रफल 1380.23 एकड़ रकबा, तीन लाख नौ हजार 554 रुपये में खरीदा गया था।
रूकुमपुर व माधौपुर माफी में इतनी जमीन किसानों से ली गयी
अंतरण विलेख के अनुसार माधौपुर माफी के किसानों की 137.75 एकड़ भूमि, ग्राम समाज की 149.62 एकड़ भूमि और रूकुमपुर गांव के किसानों की 15.94 एकड़ भूमि, ग्राम समाज की 6.41 एकड़ भूमि कंपनी के नाम की गयी। दोनों राजस्व गांवों की कुल 153.69 एकड़ भूमि वर्ष 1967 में एसडीओ द्वितीय द्वारा रबर फैक्ट्री के पक्ष में नाम करने का आदेश पारित किया गया।
इतनी भूमि रबर फैक्ट्री के नाम दर्ज नहीं मिली
माधौपुर माफी गांव में गाटा संख्या 932 में 0.164 हेक्टेयर, 933 गाटा संख्या में 0.139 हेक्टेयर, 934 गाटा संख्या में 0.038, 936 गाटा संख्या में 0.025 हेक्टेयर भूमि निजी में दर्ज है। रुकुमपुर में कोई नहीं है। कुल 0.388 भूमि खतौनियों में दर्ज है लेकिन रबर फैक्ट्री के नाम दर्ज नहीं है। इन गाटा संख्या की भूमि का उल्लेख विलेख 1961 में दर्ज मिला है।
इतनी भूमि वर्तमान खतौनी में राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम दर्ज
रक्षित पुरानी खतौनियों की जांच में कई रहस्यों से पर्दा उठा है। 35 गाटा संख्या ऐसे हैं जिनकी भूमि का उल्लेख अंतरण विलेख 1961 में दर्ज है लेकिन वर्तमान खतौनी में भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम दर्ज है। 14.31 एकड़ भूमि वर्तमान में रबर फैक्ट्री के नाम दर्ज नहीं मिली है।
