इस वर्ष शहर में डेंगू की आशंका कम..पर बरतें सावधानी, एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कर लोगों को किया जा रहा जागरूक
लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी में इस वर्ष डेंगू की आशंका कम है। अधिकारियों ने इसकी वजह लगातार बारिश होने के कारण जल जमाव न होना बताया है। इससे डेंगू सहित अन्य मच्छरों के पनपने की रफ्तार धीमी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि इस वर्ष अभी तक मानसून की सक्रियता के चलते जल जमाव नहीं हो पा रहा है। इससे डेंगू के मरीज कम आ रहें। जिस हिसाब से पिछले वर्ष डेंगू के मरीज आए थे, उस हिसाब से इस वर्ष डेंगू का कहर उतना नहीं रहेगा।
फिर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम के साथ मिलकर एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने के साथ ही लोगों को भी बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा। उन्होंने बताया कि बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डेंगू की पुष्टि होने पर मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी ऋतु श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले वर्ष जनवरी से 22 सितंबर तक डेंगू के 283 मामले आए थे। इस साल यह आंकड़ा 178 है। वहीं, सितंबर महीने में डेंगू के अभी तक 81 केस दर्ज किए गए। पिछले साल डेंगू के कुल 3244 मामले दर्ज किए गए थे।
जानलेवा है बीमारी, सावधानी ही बचाव
सीएमओ ने बताया कि हर उम्र के लोगों में होने वाली यह बीमारी जानलेवा होती है। डेंगू संक्रमित मरीज का प्लेटलेट्स काउंट इतना कम हो जाता है कि मौत तक होने की संभावना रहती है। इलाज के साथ सावधानियां बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है। उनका कहना है कि लक्षण पता चलते ही डॉक्टर से संपर्क करके तत्काल जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। अपने घर और आसपास मच्छर न पनपने दें।
डेंगू का वर्षवार आंकड़ा
| वर्ष | मरीज |
| 2024 | 3244 |
| 2023 | 1978 |
| 2022 | 2749 |
| 2021 | 2648 |
डेंगू के लक्षण
-थकान।
-खुजली ।
-तेज सिरदर्द।
-जी मिचलाना।
-उल्टी करना।
-आंखों के पीछे दर्द।
- अचानक तेज बुखार आना।
-जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द।
बचाव के उपाय
-मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-मच्छर निरोधक से बचाव करें।
- घर के आसपास पानी न ठहरने दें।
- मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं।
- फुल अस्तीन की शर्ट पहने, पैरों को भी पूरा ढक कर निकले।
