यूपी के गांवों में बदलाव की मशाल जला रहे ‘चेंजमेकर’, जानें क्या कुछ हुआ नया
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश के गांवों में एक नई क्रांति आकार ले रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर ग्राम विजन को साकार कर रहे ये स्थानीय ‘चेंजमेकर’ न केवल अपनी ज़िंदगी, बल्कि पूरे समुदाय की दिशा बदल रहे हैं। कहीं महिलाएं कचरे से जैव उर्वरक बनाकर खेतों की उर्वरता बढ़ा रही हैं, तो कहीं ई-रिक्शा चलाकर आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर रही हैं।
अलीगढ़ में कचरे से सोना बना रहीं महिलाएं
अलीगढ़ के टप्पल ब्लॉक की नीलम देवी के नेतृत्व में बनी टप्पल समृद्धि महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी अब 1,000 से अधिक महिला किसानों को जोड़ चुकी है। पंचायत की जमीन पर बनी जैविक उर्वरक यूनिट में महिलाएं गोबर और फसल अवशेष को आईआईटी कानपुर की तकनीक से उर्वरक में बदलती हैं। इस एफपीओ को ‘लाइटहाउस एफपीओ’ का दर्जा मिला है, जो सतत खेती का नया मॉडल बना है।
मीरजापुर की चंदा बनीं सशक्तीकरण की मिसाल
मीरजापुर की चंदा शुक्ला ने चेहरा ढककर ई-रिक्शा चलाना शुरू किया और अब 100 से अधिक महिलाओं को ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा की ट्रेनिंग दे चुकी हैं। वह ‘आर्या महिला समूह’ का नेतृत्व करती हैं और सम्मानजनक रोज़गार का नया रास्ता दिखा रही हैं।
हरदोई के हिमांशु और अमेठी की अनिता ने बदली सोच
हरदोई के हिमांशु यादव ने फाइलेरिया के खिलाफ ग्रामीण जागरूकता अभियान शुरू किया और अब 130 से अधिक लोगों को प्रेरित कर चुके हैं। वहीं, अमेठी की अनिता देवी BC सखी बनकर 1,100 से अधिक ग्रामीणों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ चुकी हैं।
