UPSC Result : बाराबंकी के बेटों ने बढ़ाया मान, पहले प्रयास में अभिजीत को मिली 294वीं रैंक, अनुपम ने भी सिविल सेवा परीक्षा में लहराया परचम

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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बाराबंकी, अमृत विचार : संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में बाराबंकी की मेधा ने एक बार फिर लोहा मनवाया है। पहले प्रयास में ही आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर अभिजीत नंदन तो बतौर बीडीओ अयोध्या में तैनात अनुपम वर्मा ने आईआरएस तो परीक्षा उत्तीर्ण कर न सिर्फ माता पिता, मार्गदर्शकों का बल्कि बाराबंकी का नाम सूबे में अमिट कर दिया। इनकी सफलता से बेहद उत्साहित परिजन फूले नहीं समा रहे। दिन रात मेहनत कर सफलता को अपना लक्ष्य मानकर चले दोनों होनहारों को बधाईयों का दौर जारी है। 

पहले ही प्रयास में 294वीं रैंक हासिल कर माता पिता के साथ ही जिले का नाम रोशन करने वाले अभिजीत नंदन वर्मा लखपेड़ाबाग स्थित रामसेवक यादव इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा जगन्नाथ वर्मा के पुत्र हैं, पूरा परिवार शहर की ही आवास विकास कालोनी में रह रहा है। अभिजीत की सफलता की खबर होते ही उनके घर में खुशी का माहौल छा गया और परिजनों व शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर और माला पहनाकर अभिजीत का स्वागत किया। अभिजीत नंदन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। बताया कि परिवार के सहयोग और प्रेरणा से ही वह सफलता की दहलीज तक पहुंचे।

बता दें कि अभिजीत की प्रारंभिक पढ़ाई के बाद उन्होने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग का लक्ष्य पूरा किया। इसके ठीक बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू करते हुए पहले ही प्रयास में बाजी मार ली। रिजल्ट सामने आते ही परिवार में जश्न का माहौल बन गया। पिता डॉ. जगन्नाथ वर्मा बताते हैं कि उनके कॉलेज के कई छात्र पीसीएस और पीसीएस-जे जैसी परीक्षाओं में सफल हुए हैं, लेकिन इस बार अभिजीत के रूप में यूपीएससी में सफलता मिलने से गर्व की अनुभूति हो रही है। अभिजीत नंदन वर्मा ने बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को विशेष महत्व दिया। इससे परीक्षा के पैटर्न को समझने और कम समय में बेहतर तैयारी करने में मदद मिली। युवाओं को टिप्स देते हुए अभिजीत ने बताया कि अभ्यर्थियों को सिलेबस को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई करनी चाहिए और नियमित रूप से अखबार पढ़कर करेंट अफेयर्स पर भी पकड़ मजबूत रखनी चाहिए। गृहणी मां सरिता वर्मा ने अपने बेटे का ढेर सारा आशीष दिया। 

सफलता की राह पर एक नाम बाराबंकी के रहने वाले अनुपम वर्मा का भी है। विकास खण्ड मसौली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मुबारकपुर निवासी सुरेंद्र सिंह वर्मा के पुत्र अनुपम वर्मा की वर्ष 2023 में खण्ड विकास अधिकारी के पद पर अयोध्या के मवई ब्लाक में तैनाती हुई, वह वर्तमान समय में सोहावल में बतौर बीडीओ तैनात हैं। वर्ष 2025 में सिविल परीक्षा हुई, जिसका परिणाम आते ही परिजनों एवं गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। अनुपम ने सिविल सेवा परीक्षा में 681वीं रैंक के साथ सफलता हासिल कर इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) के लिए चयनित होकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।

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अनुपम वर्मा बताते हैं कि वह आज जिस भी मुकाम पर हैं, उसमें मेरे पिता सुरेन्द्र सिंह वर्मा, शिक्षा मित्र मां पूनम वर्मा और कांस्टेबल चाचा राजकुमार वर्मा का बहुत बड़ा सहयोग रहा है। अनुपम ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ा मुकाम हासिल किया है। परीक्षा परिणाम आते ही उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई। बधाईयों का तांता लग गया, अनुपम की इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। अनुपम की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है।

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