UP: 290 जोड़ों ने लिए सात फेरे...27 बोले निकाह कबूल

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बदायूं, अमृत विचार। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह समारोह का आयोजन हाफिज सिद्दीक इस्लामिया इंटर कॉलेज परिसर में गुरुवार को हुआ। इसमें 290 जोड़े और 27 मुस्लिम जोड़ों की शादी कराई। योजना के तहत जोड़ों की नई व्यवस्था के तहत बायोमैट्रिक उपलस्थिति ली गई। इसके बाद फेरे दिलाए जाने के साथ निकाह कराया गया। सभी नवविवाहित जोड़ों पर जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन ने पुष्प वर्षा करते हुए आशीर्वाद दिया।

भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सरकार का अभिनव प्रयास है। इस योजना अंतर्गत बिना किसी भेदभाव के सभी धर्म के लोगों को सम्मिलित किया जाता है। दहेज से मुक्ति दिलाने का सरकार का एक अनूठा प्रयास है। जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की गरीबों को केंद्र में रखकर संचालित की गई है।

गरीबों के कारण बेटी का विवाह संपन्न कराया जाना पिता के लिए एक बहुत ही बड़ा चिंता का विषय था। सरकार की यह जनकल्याणकारी योजना है। सदर विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों एवं धर्म के गरीब लोगों को ध्यान में रखते हुए संचालित की गई है। इस योजना अंतर्गत गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह पूरी भव्यता के साथ कराया जाता है। हिन्दू रीति रिवाज से फेरे वाले और मुस्लिम जोड़ों को निकाह के बाद जनप्रतिनिधियों के द्वारा उपहार भेंट करने के साथ प्रमाण पत्र दिया। कार्यक्रम में शारदेंदु पाठक, वागीश पाठक विधान परिषद सदस्य, जितेंद्र यादव,अशोक भारतीय, दीपमाला गोयल सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नवविवाहित जोड़ों की ली गई बायोमेट्रिक उपस्थिति
प्रदेश के अन्य जिलों में सामूहिक विवाह योजना के तहत भ्रष्टाचार किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने नियमों में परिवर्तन किया है। नए नियम के तहत योजना का लाभ लेने वाले जोड़ों का पहले कार्यक्रम स्थल पर ही रजिस्ट्रेशन कराने के साथ बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। गुरुवार को इस्लामिया कॉलेज मैदान पर योजना का लाभ लेने के लिए पहुंचे जोड़ों का रजिस्ट्रेशन करने के साथ उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति ली गई। उसके बाद ही फेरे और निकाह आदि का कार्यक्रम संपन्न कराया। बायोमैट्रिक उपस्थिति की वजह कार्यक्रम में देरी हुई। जिसके कारण पहले रजिस्ट्रेशन और उपस्थिति दर्ज करा चुके जोड़ों को इंतजार करना पड़ा।

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