Bareilly: शहाबुद्दीन बोले...इस्लामी शिक्षा को खत्म करना चाह रही धामी सरकार
बरेली, अमृत विचार। आल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मदरसों पर इल्जाम लगाकर मदरसा बोर्ड को खत्म करना गलत है। मदरसों ने देश की आजादी में बड़ी कुर्बानी दी है। लगभग 55 हजार उलमा और छात्र अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए थे।
मौलाना ने मुख्यमंत्री धामी को सलाह दी कि मदरसों का इतिहास पढ़े बगैर धामी जिहाद की शिक्षा की बात कर रहे हैं। उनका इस तरह का इलजाम लगाना असंवैधानिक, गैर अखलाकी है। संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्तियों को शिक्षक संस्थाओं में सुधार की बात और कार्य करना चाहिए।
मौलाना ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार ने 250 मदरसों पर ताले लगा दिए और 125 सूफियों की मजारों पर बुलडोजर चला दिए। इस तरह का काम तो उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी नहीं किया। उत्तराखंड हुकूमत इस्लामी धार्मिक शिक्षा को खत्म करने पर उतर आई है।
