बरेली : कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी पर दो और रिपोर्ट
महाठग पर आठ सौ करोड़ की ठगी का लग चुका है आरोप
बरेली, अमृत विचार। आठ सौ करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले महाठग कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी व उनके परिवार समेत गिरोह के अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में दो और रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। कन्हैया गुलाटी, उसके परिजनों और गैंग में शामिल लोगों के खिलाफ पिछले डेढ़ माह में 21 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। महाठग ने अपने गिरोह के साथ कभी सस्ते कीमतों में प्लाट तो कभी क्वाइन में निवेश के नाम पर लोगों को ठगने का काम किया है। लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
नवादा शेखान निवासी फैसल उस्मान ने कन्हैया गुलाटी समेत तीन लोगों के खिलाफ 5 लाख 16 हजार रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि बिटकॉइन में निवेश के नाम पर रकम ली गई और फिर गायब हो गए। न मुनाफा मिला, न पैसा वापस। बिथरी चैनपुर के निवेशक हरीश कुमार और उनके साथियों की कहानी और भी दर्दनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कैनविज कंपनी ने उन्हें 51.75 लाख रुपये निवेश करने के लिए उकसाया। कन्हैया गुलाटी, राधिका गुलाटी, गोपाल गुलाटी, मधु गुलाटी और आशीष महाजन ने विलेज वैली कॉलोनी में प्लॉट और स्टोर बुकिंग पर हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में थोड़े-बहुत पैसे देकर भरोसा जीता गया, लेकिन फरवरी आते-आते न मुनाफा मिला, न मूलधन। आरोप है कि कंपनी के मोबाइल ऐप में निवेश का पूरा रिकॉर्ड था, जिसे बाद में जानबूझकर मिटा दिया गया। एसएसपी से शिकायत के बाद बारादरी पुलिस ने मामला दर्ज किया।
एसआईटी कर रही जांच, आरोपियों का सुराग नहीं
एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। एसआईटी की कमान एसपी यातायात अकमल खान को सौंपी गई है, जबकि एएसपी शिवम आशुतोष जांच में सहयोग कर रहे हैं। आरोपियों के फरार होने की आशंका को देखते हुए लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ शब्दों में कहा है कि एसआईटी में काबिल और अनुभवी विवेचकों को लगाया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कीमत पर उन्हें विदेश भागने नहीं दिया जाएगा। एसपी अकमल खान और एएसपी शिवम आशुतोष ने सभी मामलों की गहन समीक्षा शुरू कर दी है।
