कोलकाता-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले - पीएम मोदी इसी माह दिखाएंगे हरी झंडी
नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने के अंत में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वैष्णव ने कहा, ‘‘ये सेवाएं अगले 15-20 दिनों में, संभवतः 18 या 19 जनवरी के आसपास चालू हो जाएंगी। हमने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है और सब कुछ स्पष्ट है। मैं अगले दो-तीन दिनों में सटीक तारीख की घोषणा करूंगा।’’
उन्होंने बताया कि 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन की यात्री क्षमता 823 है और इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। हालांकि, यह फिलहाल दोनों शहरों के बीच 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी तथा असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी। दोनों राज्यों में इस साल चुनाव होने वाले हैं। इस विकास को देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के टिकट का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी कम होगा।
मंत्री ने कहा, ‘‘वंदे भारत में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (थर्ड एसी) का किराया भोजन सहित लगभग 2,300 रुपये, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (सेकंड एसी) का लगभग 3,000 रुपये और वातानुकूलित प्रथम श्रेणी (फर्स्ट एसी) का लगभग 3,600 रुपये होगा। ये किराये मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं। ’’
वैष्णव ने बताया कि गुवाहाटी-कोलकाता हवाई यात्रा का किराया लगभग 6,000 से 8,000 रुपये है। रेल मंत्री ने पावरप्वॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से संवाददाताओं को जानकारी दी, जिसके अनुसार 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 11 डिब्बे थर्ड एसी, चार डिब्बे सेकंड एसी और एक डिब्बा फर्स्ट एसी शामिल हैं। कुल 823 सीटों में से 611 थर्ड एसी में, 188 सेकंड एसी में और 24 फर्स्ट एसी में हैं।
ट्रेन में उपलब्ध अन्य विशेषताओं में बेहतर कुशनिंग के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए बर्थ, सुगम आवागमन के लिए वेस्टिब्यूल वाले स्वचालित दरवाजे, बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करके बेहतर यात्रा आराम, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच), आपातकालीन टॉक-बैक प्रणाली और उच्च स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक शामिल हैं। वैष्णव ने कहा, ‘‘यह कीटाणुनाशक तकनीक 99.9 प्रतिशत रोगाणुओं को नष्ट कर देगी। इसी तकनीक का उपयोग वंदे भारत चेयर-कार संस्करण में भी किया जा रहा है।’’
