फरवरी तक पूरा करें गंगा एक्सप्रेस-वे : PMG बैठक में मुख्य सचिव के निर्देश, मेगा परियोजनाओं की करें सख्त मॉनीटरिंग
लखनऊ, अमत विचार: मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने परियोजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग और समयबद्ध पूर्णता को प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। कहा कि हर हाल में फरवरी तक गंगा एक्सप्रेस-वे को पूरा करें। वे गुरुवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे।
बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी), बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा), मेडिकल डिवाइस पार्क-गौतमबुद्ध नगर और फार्मा पार्क-ललितपुर परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की धुरी हैं।
गंगा एक्सप्रेस-वे की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने शेष कार्यों को 15 फरवरी 2025 से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि एक्सप्रेस-वे के कुल 1497 स्ट्रक्चर (मेजर ब्रिज, आरओबी, माइनर ब्रिज, फ्लाईओवर आदि) का निर्माण पूरा हो चुका है। 578.03 किमी कैरिज-वे में से 567.53 किमी कार्य पूर्ण है, जबकि शेष कार्य 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। सर्विस रोड 730.850 किमी में से 547.478 किमी पूर्ण हो चुकी है और अर्थवर्क पूरा है। वे-साइड एमेनिटीज और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सहित शेष कार्य 15 फरवरी तक पूरे होंगे।
यूपीडीआईसी के लिए 5136.31 हेक्टेयर के सापेक्ष 4304.79 हेक्टेयर (83.8%) भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। कॉरिडोर में 62 उद्योगों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जबकि 113 उद्योगों के लिए प्रक्रिया चल रही है। 15 उद्योगों ने सेटअप शुरू कर दिया है और 9 उद्योग उत्पादन में आ चुके हैं। बीडा के तहत शेष भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने, बीडा महायोजना-2045 के जोनल व सेक्टर प्लानिंग कार्य 31 मार्च 2025 तक पूरा करने, एक्टिवेशन एरिया में जल व विद्युत आपूर्ति के वर्क ऑर्डर इसी माह जारी करने और 60 मीटर आर्टिरियल रोड का निर्माण शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन निवेशकों को भूमि आवंटित की गई है, उनके साथ शीघ्र बैठकें कर संभावित फंक्शनल डेट और वर्क प्लान प्राप्त किए जाएं। शेष औपचारिकताएं त्वरित रूप से पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और वर्क प्लान के अनुरूप निरंतर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निवेशकों को केवल उपलब्ध भूमि का ही आवंटन किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास प्रांजल यादव सहित संबंधित विभागों व प्राधिकरणों के अधिकारी भौतिक और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
मेडिकल डिवाइस और फार्मा पार्क की प्रगति
मेडिकल डिवाइस पार्क-गौतमबुद्ध नगर में 350 एकड़ के सापेक्ष 300 एकड़ भूमि उपलब्ध है, शेष भूमि आपसी सहमति से अगले तीन माह में अधिग्रहित की जाएगी। पार्क में कॉमन साइंटिफिक फैसिलिटीज का निर्माण पूरा हो चुका है और उपकरण क्रय प्रक्रिया प्रगति पर है। फार्मा पार्क–ललितपुर को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है। पहले चरण के पैकेज-1 में सड़क, ड्रेनेज, पावर व वाटर नेटवर्क, वेस्ट वाटर सिस्टम, ट्रक पार्किंग, कंपाउंड वॉल, लैंडस्केपिंग, सोलर पैनल, प्रशासनिक भवन, फायर फाइटिंग भवन और एंट्रेंस गेट का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। वर्तमान में कार्य 29% पूर्ण है और इस पैकेज को 26 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
