कानपुर : जुही बंबुरहिया में कुत्तों ने महिला को दौड़ाकर गिराया, सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई घटना
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर के जुही में बेसहारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। रविवार देर रात घर से दवा लेने निकली महिला पर कुत्तों ने हमला बोल दिया, और जमीन पर गिरा दिया। एक साथ कुत्तों के हमले से महिला दशहत में चिल्लाने लगी। इसके बाद कुत्तों ने उसके कपड़ों को मुंह में दबाकर खींचने की कोशिश की। महिला के शोर मचाने पर आस-पास के लोग दौड़े और कुत्तों को खदेड़कर उसकी जान बचाई।
पूरी घटना क्षेत्रीय पार्षद शालू सुनील कनौजिया के घर पर लगे सीसी कैमरे में कैद हुई। पार्षद ने आरोप लगाया कि पांच कुत्ते पिछले 10 दिनों से लगातार अटैक कर रहे हैं। नगर निगम को जानकारी दी फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। वार्ड -14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने बताया कि बीते 10 दिन से बेसहारा कुत्तों ने इलाके में आतंक मचा रखा है। आए दिन कुत्ते किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं।
रविवार देर रात इलाके में रहने वाली सुनीता गुप्ता घर से दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर जा रही थी, तभी कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। इससे वह जमीन पर गिरकर घायल हो गई। वहीं, रविवार को ही ननिहाल में रह रहे छह साल का मासूम घर के बाहर खेल रहा था, तभी कुत्तों ने उस पर हमला कर काट लिया था। उनका आरोप है कि उन्होंने इसकी शिकायत कैटल कैचिंग विभाग के साथ ही नगर निगम के उच्च अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। हालात यह है कि पूरे इलाके में बेसहारा कुत्तों की दहशत रहती है।
शहर में डेढ़ लाख बेसहारा कुत्ते, ठंड में हो रहे आक्रामक
शहर में गली, सड़क, सरकारी दफ्तर, पार्क अपार्टमेंट स्कूल के बाहर कुत्तों का झुंड नजर आ जाता है। पाश इलाके भी कुत्तों के आतंक से दूर नहीं है। तिलक नगर आर्य नगर, स्वरूप नगर, दर्शनपुरवा, रामबाग, मरियमपुर, रामकृष्ण नगर, गांधी नगर, जवाहर नगर, ईदगाह, परेड चौराहा, परमट, फेथफुलगंज, छपेड़ा पुलिया, नमक फैक्ट्री चौराहा आदि क्षेत्रों में कुत्तों का आतंक है। नगर निगम ने लगभग डेढ़ लाख कुत्तों में अभी तक 50 हजार कुत्तों की नसबंदी की है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, पर हमलों पर नियंत्रण नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड, खेल परिसरों और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश दिये हैं। इन संस्थानों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, परिसर में चाहरदीवारी या बाढ़ आदि और गेट लगाए जाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आवारा कुत्ते अंदर न घुसें, इसके अलावा सभी राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से भी आवारा कुत्तों और पशुओं को हटाने के आदेश दिये हैं। नगर निगम की भी जिम्मेदारी तय की है।
पार्षद की जानकारी पर कैटिल कैचिंग टीम को भेजा गया है। कुत्तों को पकड़कर एबीसी सेंटर में नियमानुसार रखा जायेगा। ठंड में लगातार टीम कुत्तों को पकड़ रही है... डॉ. आरके निरंजन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
