लखनऊ : जूनियर रेजिडेंट भगोड़ा घोषित, माता-पिता गिरफ्तार, केजीएमयू प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में
लखनऊ, अमृत विचार : केजीएमयू की नर्सिंग छात्रा से दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोपी जूनियर रेजिडेंट को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। उस पर पुलिस ने इनाम भी बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया। सोमवार को चौक पुलिस ने आरोपी के डॉक्टर पिता और मां को भी गिरफ्तार कर लिया। पिता और मां पर बेटे के साथ मिलकर बेटे की पहली पत्नी का जबरदस्ती धर्मांतरण कराने, छात्रा पर धर्मांतरण का दबाव डालने और बिना सहमति से गर्भपात कराने के आरोप हैं। इस मामले में दो और आरोपियों के नाम सामने आए हैं, पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को आरोपी जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजुद्दीन नायक के पिता डॉ. सलीमुद्दीन और मां खतीजा को गिरफ्तार किया है। सलीमुद्दीन प्राइवेट चिकित्सक हैं। केजीएमयू लखनऊ में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने चौक थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसके सीनियर डॉक्टर पर शादी का झांसा शारीरिक संबंध बनाने, बिना उसकी सहमति गर्भपात कराने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। चौक थाना पुलिस ने 23 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।
एसीपी चौक राजकुमार सिंह के मुताबिक जांच के दौरान पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के परिजनों की संलिप्तता भी सामने आई। इसके बाद मुकदमे में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ ही उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस ने सोमवार दोपहर करीब 2:10 बजे ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित मुमताज कोर्ट अपार्टमेंट के फ्लैट से डॉ. सलीमुद्दीन और उनकी गृहणी पत्नी खतीजा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा के निवासी बताए गए हैं। चौक थाने के इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि जांच के दौरान शारिक खान और सैय्यद जाहिद हसन के नाम सामने आए हैं। पुलिस की एक टीम दोनों की तलाश में जुटी है। इन दोनों पर भी धर्मांतरण कराने का आरोप है।
पुलिस ने संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया
केजीएमयू के जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजुद्दीन नायक को भगोड़ा घोषित कराने के लिए चौक पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की थी। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है, जिसकी नोटिस तामील करा दी गई है। गिरफ्तारी न होने की स्थिति में आरोपी की संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोमवार को कोर्ट से जारी धारा 82 के तहत नोटिस की तामील करवा दी गई। चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर की उत्तराखंड और लखनऊ में स्थित संपत्तियों की जानकारी जुटा ली है। जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी विकल्प अपनाए जा रहे हैं। धारा 82 की नोटिस की तामील के बाद यदि निर्धारित समय सीमा में आरोपी न्यायालय में पेश नहीं होता है, तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके तहत उसकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा, जिससे उस पर कानून का शिकंजा और कसेगा।
केजीएमयू प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में
पूरे मामले में केजीएमयू प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट भेजे जाने के बावजूद अब तक आरोपी जेआर का दाखिला रद नहीं किया गया है। इसे लेकर छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी के खिलाफ संस्थान स्तर पर सख्त कदम न उठाया जाना चिंताजनक है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है ।
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