केजीएमयू में ओपीडी बंद करने की तैयारी: डॉक्टर, रेजीडेंट, नर्सिंग और कर्मचारियों का अल्टीमेटम जारी

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में सोमवार को शिक्षक, रेजीडेन्ट्स, नर्सिंग और कर्मचारियों की संयुक्त बैठक हुई। जिसके बाद एक अल्टीमेटम जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि यदि पुलिस हंगामा व तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं करती है, तो 24 घंटे बाद ओपीडी सेवायें बंद कर दी जायेंगी।

संयुक्त बैठक के बाद जारी पत्र में कहा गया है कि कुलपति कार्यालय में हंगामा करने वालों पर 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। आगे लिखा है कि केजीएमयू परिसर में 9 जनवरी को की गई तोड़ फोड़ और महिलाओं के साथ हुई अभद्रता पर तहरीर दी गई थी, यह तहरीर प्रॉक्टर की तरफ से चौक थाने में दी गई थी, लेकिन अत्यन्त दुःखद है कि सरकारी संस्था द्वारा दी गयी तहरीर पर अराजक तत्वों को गिरफ्तार करना तो दूर 72 घंटे बीत जाने के बाद एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है। संयुक्त बैठक के बाद जारी पत्र में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की कार्यशैली तक पर प्रश्न उठाया गया है और कहा गया है कि अपर्णा यादव की कार्य प्रणाली पद के अनुरूप न होकर सरकार की छवि धूमिल करने वाली थी, जिन्होंने 100-150 लोगों को लेकर कुलपति, प्रति कुलपति, अध्यक्ष विशाखा समिति व प्रॉक्टोरियल बोर्ड की महिलाओं के साथ अभद्रता की और गलत तथ्यों पर आधारित प्रेस कॉन्फ्रेन्स की। 

आगे लिखा गया है कि केजीएमयू डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने के साथ गम्भीर मरीजों का उपचार करने के लिए भी विख्यात है, जिसके कुलपति और अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी शिक्षक, रेजीडेन्ट, नर्सिंग औन अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा की बात करना ही बेकार है। स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए आज से ओपीडी बन्द करने का दबाव था, लेकिन दूरदराज से आये मरीजों को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे की सूचना देना उचित समझा गया। अतः सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि केजीएमयू प्रशासन द्वारा दी गयी तहरीर पर पुलिस द्वारा 24 घंटे में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो कल दिनांक 13 जनवरी, 2026 से आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर ओपीडी बन्द रखी जायेगी। इस बीच हुई कार्रवाई को देखते हुए आगे के आन्दोलन की रूपरेखा के लिए दिनांक 13 जनवरी, 2026 को दोपहर 2 बजे शिक्षक, रेजीडेन्ट, नर्सिंग व कर्मचारियों के संगठनों की संयुक्त समिति की बैठक पुनः आयोजित की जायेगी।

यह था मामला

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में लव जिहाद मामले को लेकर शुक्रवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को कुलपति से मिलने के लिए कथित तौर पर लगभग 10 मिनट तक खड़ा रखा गया।

आरोप है कि इसके बाद भी कुलपति से मुलाकात नहीं हो सकी। इससे नाराज उनके समर्थकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर नारेबाजी की, इतना ही नहीं इस दौरान कुलपति कार्यालय के बाहर खड़े कुछ संगठनों के लोगों ने अंदर जाने का प्रयास किया। जिससे वहां भारी हंगामा हो गया। हिन्दू संगठनों ने कुलपति कार्यालय पर कब्जा कर लिया। हालात बिगड़ते देख कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद पीछे के गेट से चुपचाप कार्यालय छोड़कर निकल गई। काफी देर तक कुलपति कार्यालय में हंगामा और नारेबाजी होती रही। आरोप यह भी है कि हंगामा कर रहे लोगों ने कुलपति चैंबर के बाहर बैठे कर्मचारियों को खदेड़ दिया। केजीएमयू के वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। 

महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने जाहिर की थी नाराजगी : कुलपति के न मिलने पर लगाए थे गंभीर आरोप

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में लव जिहाद मामले को लेकर शुक्रवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया था, जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को कुलपति से मिलने के लिए कथित तौर पर लगभग 10 मिनट तक खड़ा रखा गया। आरोप है कि इसके बाद भी कुलपति से मुलाकात नहीं हो सकी थे। इससे नाराज उनके समर्थकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद अपर्णा यादव ने प्रशासनिक भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केजीएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

उन्होंने कहा था कि विश्वविद्यालय में घटित संवेदनशील घटनाओं की जानकारी समय रहते मुख्यमंत्री और राज्यपाल को नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला महिला उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा था, तो इसे दबाने की कोशिश क्यों की गई। अपर्णा यादव ने पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष और एक अन्य पर भी सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले को लगभग 10 दिनों तक दबाकर क्यों रखा गया। साथ ही पूछा कि पीड़िता को महिला आयोग के पास जाने से क्यों रोका गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "क्या महिला आयोग को जांच के लिए किसी की अनुमति लेनी पड़ेगी।" इससे पहले केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने शुक्रवार को केजीएमयू परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को कुलपति ने संबोधित किया था। 

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