यूपीनेडा में अस्थायी 88 पदों को स्थायी करने की स्वीकृति, शासनादेश जारी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) में लंबे समय से अस्थायी रूप से संचालित 88 पदों को स्थायी करने की स्वीकृति दे दी है। इस संबंध में सोमवार को शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासन के इस निर्णय से यूपीनेडा में मानव संसाधन की स्थिरता सुनिश्चित होगी और प्रदेश में संचालित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।

शासनादेश के अनुसार, यूपीनेडा के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में अस्थाई 88 पदों के स्थाई होने से अब कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन, भत्ते, मंहगाई भत्ते एवं अन्य देयक शासन द्वारा समय-समय पर जारी नियमों के अनुसार दिए जाएंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन पदों के स्थायी होने से विभागीय कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी।

शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन पदों से संबंधित व्यय पूर्व में स्वीकृत बजटीय प्रावधानों के अंतर्गत ही वहन किया जाएगा। इसके लिए किसी अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी। शासन ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को आदेश के अनुपालन के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। सरकार के इस फैसले को यूपीनेडा के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति देने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

इन पदों को मिली स्वीकृति

शासनादेश के तहत जिन पदों को स्थायी किया गया है, उनमें निदेशक, सचिव एवं मुख्य परियोजना अधिकारी, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, वरिष्ठ सहायक, वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक और चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल हैं। कुल मिलाकर 88 पदों को स्थायित्व प्रदान किया गया है, जो अब नियमित प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा माने जाएंगे।

ऊर्जा परियोजनाओं को मिलेगा बल

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यूपीनेडा के माध्यम से प्रदेश में सोलर एनर्जी, रूफटॉप सोलर, बायो एनर्जी और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन और विस्तार किया जा रहा है। पदों के स्थायी होने से परियोजनाओं की योजना, निगरानी और क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इससे प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के प्रयासों को भी गति मिलेगी।

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