कानपुर में गरजा बुलडोजर : अवैध प्लाटिंग पर केडीए की कार्रवाई, 19.5 बीघे में निर्माण ध्वस्त
कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शुक्रवार को जोन-1बी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 19.5 बीघे में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में ग्राम धरमपुर क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अनुसार पन्ना लाल, अदन पुत्र भरोसा, पूजा यादव पत्नी रामचन्द्र, राकेश दीक्षित, सती प्रसाद समेत अन्य लोगों द्वारा करीब सात बीघे में बिना स्वीकृति प्लाटिंग विकसित की जा रही थी, जिसे ध्वस्त किया गया।
इसी तरह मैसर्स मां डेवलपर्स की ओर से सुनील कुमार गौर, चेतन बाजपेई तथा अन्य द्वारा लगभग 5.5 बीघे में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी बुलडोजर चलाया गया। इसके अलावा सुनील कुमार, मृदुल जौहरी, राधेश्याम पुत्र गंगाराम, सूरजवली, शंकर लाल, मोहन लाल व अन्य द्वारा करीब सात बीघे में की जा रही अनाधिकृत प्लाटिंग को भी ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान तीन अलग-अलग अवैध साइटों पर बनाए गए प्रवेश द्वार, सड़क, नाला, बाउंड्रीवाल, बिजली के खम्भे, पिलर तथा निर्मित, अर्द्धनिर्मित और निर्माणाधीन भवनों को तीन जेसीबी मशीनों की मदद से गिरा दिया गया। साथ ही प्रवेश मार्गों को गहरा कर दिया गया ताकि वहां से आवागमन न हो सके। डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि बिना प्राधिकरण की अनुमति के जमीन की प्लाटिंग कर भोले-भाले लोगों को प्लाट बेचे जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्लाटिंग से पहले केडीए से मानचित्र स्वीकृति और अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि केवल केडीए से स्वीकृत कॉलोनियों में ही प्लाट खरीदें तथा प्लाट लेने से पहले नक्शा और ले-आउट की जांच कर प्राधिकरण से जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ आगे भी अभियान चलाकर निरोधात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
