विवेक में आनंद तक पहुंचना ही स्वामी विवेकानंद का सबसे बड़ा संदेश : अखिलेश यादव ने अर्पित की श्रद्धांजलि

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का 'विवेकानंद' नाम ही अपने आप में कालजयी संदेश है। उन्होंने कहा कि 'विवेक' में 'आनंद' की अवस्था तक पहुँचना ही स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन का सार है और यही मनुष्य को आंतरिक स्वतंत्रता की ओर ले जाता है। 

अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विवेक केवल बाहरी ज्ञान का विषय नहीं, बल्कि अंतःकरण में जागृत होने वाली चेतना है। यह तभी संभव है जब व्यक्ति किसी और के विचारों का मानसिक गुलाम न बने और अपने विवेक से सत्य-असत्य का निर्णय करे।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश लोगों को स्वयं सोचने और समझने की प्रेरणा देता है, ताकि समाज बाहरी दिखावे, छद्म गतिविधियों और शब्दों के मायाजाल के पीछे छिपे ढोंग, पाखंड, स्वार्थ और महाझूठ को पहचान सके। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की मानवता के प्रति सहृदयता और पूरे विश्व को भाईचारे का संदेश आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर उन्होंने कामना की कि उनका मार्गदर्शन समाज में और अधिक फलीभूत हो। अखिलेश यादव ने अपील की कि वाह्य ज्ञान नहीं, आंतरिक विवेक और बोध को जीवन का प्रकाश-स्तंभ बनाया जाए तथा अधिकाधिक लोग विवेकशील बनें।

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